ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी वाली ज़मीन (लाल डोरा) का ड्रोन से सर्वे करके घर के मालिकों को उनका पहला आधिकारिक "प्रॉपर्टी कार्ड (घतौनी)" देना।
यहाँ स्वामित्व योजना (SVAMITVA - Survey of Villages And Mapping with Improvised Technology in Village Areas) के बारे में अत्यंत विस्तृत और सम्पूर्ण जानकारी (3000+ शब्द) दी गई है:
शायद आपको लगे कि "हम तो पुश्तैनी घर में रह रहे हैं, हमें कागज़ की क्या ज़रूरत?" लेकिन बिना कागज़ की ज़मीन के कई नुकसान होते हैं, जिन्हें यह योजना पूरी तरह खत्म कर देगी:
गाँव का आदमी अगर कोई बिज़नेस करना चाहे या बच्चों को पढ़ाना चाहे, तो बैंक उसे लोन नहीं देता, क्योंकि उसके घर के कागज़ नहीं होते (Bank demands collateral)। प्रॉपर्टी कार्ड मिलने के बाद आपका घर एक वित्तीय संपत्ति (Financial Asset) बन जाएगा। आप इस कार्ड को बैंक में लगाकर ठीक उसी तरह लोन ले पाएंगे जैसे शहर के लोग लेते हैं।
गाँवों में 1-1 फुट ज़मीन, नाली, और छज्जे को लेकर पीढ़ियों तक मुक़दमे चलते हैं। ड्रोन सर्वे सेंटीमीटर-सेंटीमीटर की सटीक नपाई करता है। एक बार नक्शा बन गया और प्रॉपर्टी कार्ड मिल गया, तो कोर्ट-कचहरी और लड़ाई-झगड़े हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगे।
जब आपके पास ज़मीन का पक्का सरकारी कागज़ होगा, तो उसे बेचना बहुत आसान होगा। बिना कागज़ की ज़मीन के दाम कम मिलते हैं, लेकिन 'लीगल ओनरशिप' होने से ज़मीन की मार्केट वैल्यू बढ़ जाती है।
सटीक नक्शा होने से ग्राम पंचायत को पता होता है कि कहाँ सरकारी रास्ता है, कहाँ तालाब है, और कहाँ पंचायत की ज़मीन है। इससे गाँव में स्कूल, अस्पताल, या नाली बनाने की प्लानिंग (Gram Panchayat Development Plan) करना बहुत आसान हो जाएगा।
पंचायतें प्रॉपर्टी टैक्स लगाकर अपनी इनकम बढ़ा सकती हैं, जिससे गाँव में ही विकास के काम तेज़ हो जाएंगे।
इस योजना में आपको कहीं जाकर कोई फॉर्म नहीं भरना है! यह सरकार द्वारा चलाया जाने वाला एक अभियान है जो हर गाँव में बारी-बारी से पहुँच रहा है। इसकी प्रक्रिया 5 चरणों में होती है:
एक बार आपके गाँव का फाइनल सर्वे हो जाने के बाद, कार्ड हमेशा के लिए ऑनलाइन सेव हो जाता है:
प्र. मेरे घर का कुछ हिस्सा सरकारी रास्ते पर (Encroachment) है, क्या मुझे पूरे हिस्से का कार्ड मिलेगा?
उ. ड्रोन सर्वे के दौरान सरकारी रास्तों, चकरोड और तालाबों की अलग से मार्किंग होती है। अगर आपने सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा (Encroachment) किया हुआ है, तो उस हिस्से को काट दिया जाएगा और केवल आपकी अपनी ज़मीन (जितनी वैध है) का ही प्रॉपर्टी कार्ड बनेगा।
प्र. क्या प्रॉपर्टी कार्ड बनवाने की कोई फीस है?
उ. बिल्कुल नहीं! यह केंद्र सरकार की योजना है और इसमें ड्रोन सर्वे से लेकर कार्ड छपने तक का पूरा खर्च सरकार खुद उठाती है। किसानों/गाँव वालों को 1 रुपया भी नहीं देना है।
प्र. 'लाल डोरा' ज़मीन क्या होती है?
उ. अंग्रेजों के ज़माने में गाँव की आबादी (जहाँ घर बने होते थे) को खेतों से अलग दिखाने के लिए नक़्शे पर एक 'लाल रंग की लाइन (Red Line / Lal Dora)' खींच दी जाती थी। लाल डोरा के अंदर की ज़मीन पर कोई हाउस टैक्स या बिल्डिंग बायलॉज़ लागू नहीं होते थे। इसी लाल डोरा ज़मीन का अब 'स्वामित्व' योजना के तहत सर्वे हो रहा है।
प्र. प्रॉपर्टी कार्ड में किन बातों की जानकारी होती है?
उ. इसमें मालिक का नाम, पिता/पति का नाम, घर का क्षेत्रफल (Square Meter में), चौहद्दी (उत्तर-दक्षिण-पूरब-पश्चिम में किसके घर या रास्ते हैं), एक यूनिक प्रॉपर्टी आईडी (Unique ID), और एक QR कोड होता है।
स्वामित्व योजना ग्रामीण भारत के इतिहास का सबसे बड़ा 'ज़मीनी सुधार' (Land Reform) है। जो घर पीढ़ियों से आपके पास था लेकिन कानूनी रूप से जिसकी कोई अहमियत (Financial value) नहीं थी, अब वही घर आपके बिज़नेस और बच्चों की पढ़ाई के लिए बैंक लोन का सबसे बड़ा साधन बनने वाला है।
जब भी आपके गाँव में पंचायत द्वारा ड्रोन सर्वे की मुनादी (Announcement) की जाए, तो इसे हल्के में न लें। घर में मौजूद रहें, पड़ोसियों के साथ मिलकर सही से चूने की मार्किंग (Chuna Marking) करें, और अगर नक़्शे में कोई गलती लगे तो 30 दिन के अंदर अपनी आपत्ति ज़रूर दर्ज़ कराएं, ताकि आपका 'प्रॉपर्टी कार्ड' 100% सही बन सके।
यह योजना सीधे सरकार (पंचायती राज मंत्रालय) और Survey of India द्वारा गाँव-गाँव में चलाई जा रही है।
ड्रोन सर्वे से पहले ग्राम पंचायत द्वारा मुनादी (Announcement) की जाती है। आपको बस चूने (Lime powder) से अपने घर की बाउंड्री मार्क करनी होती है।
ड्रोन सर्वे के बाद नक्शा ग्राम पंचायत में टांगा जाता है। अगर कोई विवाद (Dispute) है तो आप अपनी आपत्ति दर्ज़ करा सकते हैं।
सब कुछ सही होने पर सरकार आपको 'प्रॉपर्टी कार्ड (Property Card)' या 'घरौनी' बनाकर देती है, जिसे आप ब्लॉक/लेखपाल से ले सकते हैं या ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं।
गांवों में पुश्तैनी घरों का कोई सरकारी कागज़ नहीं होता था। इस कार्ड के बनने के बाद आपका घर 'लीगल' हो जाएगा। आप अपने घर के कागज़ को बैंक में गिरवी रखकर लोन (Bank Loan) ले सकते हैं!
नहीं! यह काम सरकार गाँव-गाँव जाकर खुद कर रही है। जब आपके गाँव का नंबर आएगा, तो लेखपाल और सरपंच मिलकर आपको सूचित करेंगे।
हाँ, एक बार कार्ड बन जाने के बाद आप इसे अपने राज्य के भू-अभिलेख पोर्टल (जैसे यूपी भूलेख) से, या फिर सीधा 'DigiLocker' ऐप से डाउनलोड कर सकते हैं।
बिना किसी रुकावट के सीधे सरकारी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।
नोट: किसी भी सरकारी सेवा के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें।
JanSarkari.com आपको सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करता है। यदि आपको स्वामित्व योजना (Property Card) से जुड़ी कोई समस्या है, तो आप संबंधित विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।