अगर किसी सरकारी इमारत, स्टेशन या बस स्टैंड पर दिव्यांग (Disabled) लोगों के लिए रैंप या व्हीलचेयर सुविधा नहीं है, तो फोटो खींचकर शिकायत करें।
यहाँ सुगम्य भारत ऐप (Sugamya Bharat App) के बारे में सम्पूर्ण जानकारी दी गई है:
अक्सर हम देखते हैं कि किसी सरकारी अस्पताल, बैंक, पोस्ट ऑफिस या रेलवे स्टेशन पर केवल सीढ़ियाँ (Stairs) होती हैं। ऐसे में जो व्यक्ति व्हीलचेयर (Wheelchair) पर है या जिसे चलने-फिरने में दिक्कत है, वह अंदर नहीं जा पाता।
'सुगम्य भारत अभियान' (Accessible India Campaign) के तहत सरकार का लक्ष्य है कि हर जगह 'रैंप' (Ramp), लिफ्ट (Elevator), और दिव्यांगों के लिए अलग शौचालय (Accessible Toilets) बनाए जाएं। इसी काम में आम जनता की मदद लेने के लिए 'सुगम्य भारत ऐप' बनाया गया है।
इस ऐप के ज़रिए आप मुख्य रूप से 3 तरह की सुविधाओं में कमी (Accessibility Issues) की शिकायत दर्ज़ कर सकते हैं:
| कहाँ समस्या है? (Domain) | शिकायत के उदाहरण (Examples) |
|---|---|
| 1. सार्वजनिक इमारतें (Buildings) | सरकारी दफ्तर, अस्पताल, बैंक, कोर्ट या स्कूल में व्हीलचेयर के लिए रैंप न होना, लिफ्ट का काम न करना, या दिव्यांग शौचालय (Accessible Toilet) न होना। |
| 2. परिवहन (Transportation) | रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड या एयरपोर्ट पर व्हीलचेयर की सुविधा न होना, या ब्रेल लिपि (Braille) में साइनेज (Signboards) न होना जिससे दृष्टिबाधित लोगों को परेशानी हो। |
| 3. वेबसाइट / डिजिटल सुविधाएँ | कोई सरकारी वेबसाइट या ऐप ऐसा बना है जिसे स्क्रीन रीडर (Screen Reader) सॉफ़्टवेयर पढ़ नहीं सकता, जिससे नेत्रहीन (Blind) व्यक्ति उसका उपयोग न कर सके। |
सुगम्य भारत ऐप चलाना बहुत ही आसान है। कोई भी नागरिक (चाहे वह दिव्यांग हो या न हो) इस ऐप का उपयोग कर सकता है:
इस ऐप में सिर्फ शिकायत दर्ज़ करने के अलावा दिव्यांग जनों के लिए कई अन्य बेहतरीन फीचर्स (Features) भी दिए गए हैं:
प्र. क्या मुझे सुगम्य भारत ऐप पर शिकायत करने के लिए दिव्यांग (Handicapped) होना ज़रूरी है?
उ. बिल्कुल नहीं! इस ऐप का मुख्य उद्देश्य समाज की भागीदारी बढ़ाना है। भारत का कोई भी ज़िम्मेदार नागरिक (Student, Doctor, Engineer) अगर कहीं भी ऐसी कमी देखता है जहाँ व्हीलचेयर नहीं जा सकती, तो वह फोटो खींचकर शिकायत दर्ज़ कर सकता है। इसे 'जन-भागीदारी' (Jan Bhagidari) कहते हैं।
प्र. मैं जिन इमारतों की शिकायत कर सकता हूँ, क्या वे सिर्फ सरकारी होनी चाहिए?
उ. नहीं। 'सुगम्य भारत अभियान' के तहत अब बड़े प्राइवेट अस्पतालों, प्राइवेट स्कूलों, मॉल (Shopping Malls) और सिनेमाघरों (Multiplexes) के लिए भी दिव्यांग-अनुकूल (Disabled-friendly) होना कानूनन अनिवार्य कर दिया गया है। आप सार्वजनिक इस्तेमाल वाली किसी भी बड़ी इमारत की शिकायत कर सकते हैं।
प्र. क्या ऐप पर मेरी पहचान (Identity) गुप्त (Secret) रखी जाती है?
उ. हाँ, ऐप में शिकायत करते समय आपका मोबाइल नंबर सिर्फ ट्रैकिंग के लिए रखा जाता है। जहाँ शिकायत जाती है, वहाँ आपका नाम सार्वजनिक नहीं किया जाता।
सोचिए, अगर आप व्हीलचेयर पर हैं और बैंक के बाहर सिर्फ 4 सीढ़ियाँ होने की वजह से आप अपना पैसा निकालने अंदर नहीं जा सकते, तो आपको कैसा महसूस होगा?
भारत में करोड़ों दिव्यांग नागरिक हैं। उनकी यह रोज़ाना की लड़ाई है। 'सुगम्य भारत ऐप' हम सभी आम नागरिकों को एक ताकत देता है कि हम अपने फोन के कैमरे का इस्तेमाल करके उनकी ज़िंदगी आसान बना सकते हैं।
अगर आप अगली बार किसी सरकारी ऑफिस, अस्पताल, या रेलवे स्टेशन जाएं और देखें कि वहाँ रैंप (Ramp) या लिफ्ट नहीं है, तो तुरंत सुगम्य भारत ऐप खोलें, फोटो खींचें, और सरकार तक अपनी आवाज़ पहुंचाएं!
Google Play Store या Apple App Store से "Sugamya Bharat App" डाउनलोड करें।
ऐप में अपने मोबाइल नंबर से रजिस्टर करें।
कैमरा आइकन पर क्लिक करें और उस इमारत या स्टेशन की फोटो खींचें जहाँ दिव्यांगों के लिए रैंप या सुविधा नहीं है।
लोकेशन (GPS) अपने आप दर्ज़ हो जाएगी। शिकायत सबमिट करें, सरकार वहां सुविधा बनवाने का काम करेगी।
हाँ, कोई भी जागरूक नागरिक (Citizen) दिव्यांग जनों की भलाई के लिए इस ऐप पर फोटो खींचकर शिकायत दर्ज़ कर सकता है।
बिना किसी रुकावट के सीधे सरकारी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।
नोट: किसी भी सरकारी सेवा के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें।
JanSarkari.com आपको सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करता है। यदि आपको सुगम्य भारत ऐप से जुड़ी कोई समस्या है, तो आप संबंधित विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।