फसल में कीड़ा लग गया हो, खाद की जानकारी चाहिए या सरकारी योजनाओं के बारे में पूछना हो? टोल-फ्री नंबर (1800-180-1551) पर कृषि वैज्ञानिकों से सीधे बात करें।
यहाँ किसान कॉल सेंटर (Kisan Call Center - KCC) के बारे में अत्यंत विस्तृत और सम्पूर्ण जानकारी (3000+ शब्द) दी गई है:
किसानों को अक्सर खेती से जुड़ी छोटी-छोटी जानकारियों के लिए ब्लॉक (Block) या कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) के चक्कर काटने पड़ते हैं, जहाँ उनका पूरा दिन बर्बाद होता है। KCC इन सब परेशानियों का एक 'स्मार्ट' समाधान है:
लोकल कीटनाशक (Pesticide) दुकानदार आपको वो दवा देता है जिसमें उसका कमीशन ज़्यादा होता है। लेकिन कॉल सेंटर पर बैठे कृषि विशेषज्ञ आपको वही दवा या खाद बताएंगे जो फसल के लिए सबसे अच्छी और सस्ती होगी। (उनका कोई कमीशन नहीं होता!)।
आपको अंग्रेज़ी या शुद्ध हिंदी बोलने की ज़रूरत नहीं है। जब आप यूपी से फोन करते हैं तो कॉल यूपी के KCC सेंटर (लखनऊ/कानपुर) में जाती है जहाँ अवधी या भोजपुरी समझने वाले बैठे होते हैं। अगर आप महाराष्ट्र से हैं, तो कॉल पुणे सेंटर में जाएगी जहाँ आपको मराठी में जवाब मिलेगा। यह देश की 22 क्षेत्रीय भाषाओं में काम करता है।
सरकारी ऑफिस शाम 5 बजे बंद हो जाते हैं, लेकिन किसान तो सुबह से शाम तक खेत में काम करता है। इसीलिए KCC का समय सुबह 6:00 बजे से रात 10:00 बजे तक रखा गया है। यह साल के 365 दिन (रविवार और त्योहारों पर भी) खुला रहता है।
अगर आपकी 'पीएम किसान सम्मान निधि' की किस्त नहीं आई है, या आपको पीएम फसल बीमा (PMFBY), सोलर पंप (कुसुम योजना), और खाद/मशीन की सब्सिडी के बारे में जानकारी चाहिए, तो उसका भी जवाब यहाँ दिया जाता है।
मंडी जाने से पहले आप फोन करके पूछ सकते हैं कि आज पास की मंडी में गेहूं या सरसों का क्या भाव चल रहा है। साथ ही, आप यह भी पूछ सकते हैं कि अगले 2-3 दिन में आपके ज़िले में बारिश होने वाली है या नहीं, ताकि आप सिंचाई का फैसला ले सकें।
यह सिस्टम बहुत ही हाई-टेक है और इसे 3 अलग-अलग स्तरों (Levels) में बांटा गया है ताकि किसान की समस्या का समाधान 100% हो सके:
जब आप कॉल करते हैं, तो सबसे पहले कॉल Level-1 पर जाती है। यहाँ एग्रीकल्चर ग्रेजुएट लड़के-लड़कियां बैठे होते हैं जो बेसिक सवालों (जैसे कौन सा बीज बोएं, कौन सी खाद डालें) का तुरंत जवाब दे देते हैं।
अगर आपकी फसल में कोई ऐसी भयंकर बीमारी लग गई है जो Level-1 वालों की समझ से बाहर है, तो वे आपकी कॉल को कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) के वरिष्ठ वैज्ञानिकों (PhD) के पास ट्रांसफर कर देते हैं, जो आपको गहराई से सलाह देते हैं।
अगर कोई बहुत बड़ी प्रशासनिक समस्या है, तो उसे नोडल अधिकारियों के पास भेजा जाता है। इसके अलावा, जो सवाल उस समय हल नहीं हो पाते, उन्हें रिकॉर्ड कर लिया जाता है और बाद में वैज्ञानिक खुद किसान को कॉल बैक (Call back) करके जवाब बताते हैं।
आप खेती से जुड़े किसी भी विषय पर बात कर सकते हैं, जैसे:
किसान कॉल सेंटर के अलावा भारत सरकार ने mKisan (mkisan.gov.in) पोर्टल भी बनाया है।
प्र. मैं किसान कॉल सेंटर (KCC) का नंबर डायल कर रहा हूँ, लेकिन लग नहीं रहा है। क्यों?
उ. भारत सरकार का टोल-फ्री नंबर 1800-180-1551 (कुल 11 अंक) है। कई बार लोग शुरू में '1800' लगाना भूल जाते हैं। इसे ठीक इसी तरह डायल करें। इसके अलावा रात 10 बजे के बाद कॉल करने पर IVRS सिस्टम आपको अपना सवाल रिकॉर्ड (Voice Mail) करने को कहेगा, जिसका जवाब अगले दिन दिया जाएगा।
प्र. क्या मेरे मोबाइल में बैलेंस (Recharge) नहीं होने पर भी यह कॉल लग जाएगी?
उ. हाँ! यह 'टोल-फ्री' (Toll-Free) नंबर है। अगर आपके मोबाइल में आउटगोइंग (Outgoing) कॉल की सुविधा चालू है, तो बिना मेन-बैलेंस के भी यह फोन लग जाएगा।
प्र. क्या यहाँ से मुझे खाद या बीज खरीदने को मिलेगा?
उ. नहीं। किसान कॉल सेंटर केवल 'जानकारी (Information)' देने के लिए है। वे कोई सामान बेचते नहीं हैं और न ही किसी प्राइवेट कंपनी की दवा को प्रमोट करते हैं। वे आपको सिर्फ दवा का साल्ट (Chemical Formula) बताएंगे जो आप बाज़ार से खरीद सकते हैं।
आज के समय में खेती में सबसे बड़ा नुकसान 'गलत जानकारी' और 'नकली दवाओं' के कारण होता है। दुकानदार आपको वह दवा देता है जो उसके लिए फायदेमंद है, किसान के लिए नहीं।
अगर आप एक स्मार्ट किसान हैं, तो किसी भी बीमारी या खाद के लिए दुकानदार के पास जाने से पहले एक बार 1800-180-1551 पर कॉल ज़रूर करें। वहाँ बैठे कृषि वैज्ञानिक (Agricultural Scientists) आपको सरकार द्वारा जांची और परखी गई दवा और खाद की सही मात्रा बताएंगे। यह आपके हज़ारों रुपये बचाएगा और फसल की पैदावार भी दोगुनी करेगा। इस नंबर को आज ही अपने मोबाइल में "किसान हेल्पलाइन" के नाम से सेव (Save) कर लें!
अपने किसी भी मोबाइल या लैंडलाइन फोन से टोल-फ्री नंबर 1800-180-1551 डायल करें। (यह पूरी तरह मुफ्त है)।
कंप्यूटर (IVRS) द्वारा आपकी भाषा पूछी जाएगी, अपनी क्षेत्रीय भाषा (जैसे हिंदी, पंजाबी, मराठी) का चुनाव करें।
आपका फोन सीधा आपके राज्य के 'किसान कॉल सेंटर (KCC)' में बैठे कृषि विशेषज्ञ (Farm Tele Advisor) को लग जाएगा।
अपनी फसल की बीमारी, खाद-बीज, मौसम या किसी भी सरकारी योजना (जैसे PM-Kisan, PMFBY) की जानकारी उनसे पूछ सकते हैं।
भारत सरकार का आधिकारिक किसान टोल-फ्री नंबर 1800-180-1551 है। इस पर बात करने का कोई पैसा नहीं कटता।
यह कॉल सेंटर साल के 365 दिन (शनिवार/रविवार और छुट्टियों के दिन भी) सुबह 6:00 बजे से लेकर रात 10:00 बजे तक खुला रहता है।
हाँ, यह 22 क्षेत्रीय भाषाओं (Local Languages) में उपलब्ध है। जब आप कॉल करते हैं, तो आपका नेटवर्क देखकर कॉल सीधा आपके ही राज्य के कृषि विशेषज्ञों को ट्रांसफर की जाती है।
बिना किसी रुकावट के सीधे सरकारी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।
नोट: किसी भी सरकारी सेवा के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें।
JanSarkari.com आपको सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करता है। यदि आपको Kisan Call Center (KCC) से जुड़ी कोई समस्या है, तो आप संबंधित विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।