डेयरी किसानों (पशुपालकों) के लिए भारत सरकार का अपना "ऑनलाइन बाज़ार", जहाँ बिना किसी दलाल के सीधे अच्छी नस्ल की गाय-भैंस खरीदें या बेचें।
यहाँ ई-गोपाला ऐप (e-Gopala App & Dairy Farming) के बारे में अत्यंत विस्तृत और सम्पूर्ण जानकारी (3000+ शब्द) दी गई है:
अगर आप 2 या 20 पशुओं की डेयरी चलाते हैं, तो यह ऐप आपके मोबाइल में होना ही चाहिए। इसके 5 सबसे बड़े फायदे इस प्रकार हैं:
पहले पशु खरीदने के लिए किसानों को दूर-दराज के पशु मेलों (Pashu Mela) में जाना पड़ता था, जहाँ दलाल मनमाने पैसे मांगते थे।
कई बार किसान पशु को बहुत महंगा चारा खिलाता है, फिर भी दूध नहीं बढ़ता।
पशुओं को अक्सर थनैला (Mastitis), बुखार, या दस्त जैसी बीमारियां हो जाती हैं, और अंग्रेज़ी दवाओं (Antibiotics) पर हज़ारों रुपये खर्च हो जाते हैं।
सरकार हर पशु के कान पर एक पीला टैग लगाती है जिस पर 12 अंकों का नंबर होता है (इसे पशु आधार कहते हैं)।
डेयरी में सबसे ज़रूरी होता है समय का ध्यान रखना।
1. ऐप के "पशु बाज़ार" > "पशु बेचें" पर क्लिक करें。
2. पशु के कान का 12 अंकों का पशु आधार (Ear Tag) डालें。
3. पशु की ताज़ा फोटो, ब्यात (Lactation), रोज़ का दूध और अपनी मांगी गई कीमत (Price) दर्ज़ करें और सबमिट कर दें।
1. "पशु खरीदें" सेक्शन में जाएं。
2. फ़िल्टर लगाएं: आपको गाय चाहिए या भैंस? कौन सी नस्ल (मुर्रा, जर्सी)? आपका राज्य/ज़िला क्या है?
3. लिस्ट में से पशु चुनें और सीधा मालिक के मोबाइल नंबर पर कॉल करके सौदा पक्का करें।
हाँ, बिल्कुल! 'e-Gopala' ऐप का एक बड़ा मक़सद किसानों को घर पर सुविधा देना है। ऐप के 'सेवाएं (Services)' विकल्प पर जाकर आप:
प्र. मेरे पशु के कान में पीला टैग (पशु आधार) नहीं लगा है, मैं क्या करूँ?
उ. भारत सरकार की INAPH योजना के तहत पशुओं की टैगिंग बिलकुल मुफ्त है। अगर आपके पशुओं को टैग नहीं लगा है, तो आप अपने नज़दीकी पशु चिकित्सालय (Veterinary Hospital) जाएं या अपने गाँव के पशु-मित्र (Maitri Worker) से संपर्क करें, वे आकर फ्री में टैग लगा देंगे।
प्र. क्या ई-गोपाला ऐप पर पेमेंट ऑनलाइन करनी होती है?
उ. नहीं! ऐप सिर्फ आपको पशुओं की जानकारी और खरीदार/विक्रेता का नंबर देता है। पैसों का लेन-देन (Payment) आपको खुद खरीदार से मिलकर, पशु को अच्छे से देखकर, अपनी समझ और सहूलियत (Cash या Bank Transfer) के हिसाब से करना होता है। ऐप पैसों की कोई गारंटी नहीं लेता।
प्र. मैं डेयरी फार्मिंग के लिए बैंक लोन (Dairy Loan) लेना चाहता हूँ, क्या यह ऐप मदद करेगा?
उ. जब आप बैंक में डेयरी लोन या पशु किसान क्रेडिट कार्ड (Pashu KCC) के लिए अप्लाई करते हैं, तो बैंक सबसे पहले पशुओं का 'इंश्योरेंस (Insurance)' और 'पशु आधार' मांगता है। इस ऐप से आपको पता चलेगा कि कौन सा पशु खरीदने लायक है और उसका रिकॉर्ड पक्का है, जिससे बैंक लोन पास होने में बहुत आसानी होती है।
अगर आप आज के समय में डेयरी (Dairy Farming) का बिज़नेस कर रहे हैं और 'ई-गोपाला' ऐप का इस्तेमाल नहीं कर रहे, तो आप आधुनिक खेती से बहुत पीछे हैं।
यह ऐप न सिर्फ आपको दलालों की लूट से बचाता है, बल्कि आपके पशुओं के स्वास्थ्य (Health), चारे के खर्च (Nutrition), और प्रजनन (Breeding) का पूरा डिजिटल डायरी मेंटेन करता है। देसी जड़ी-बूटियों (EVM) से इलाज करने की जो जानकारी NDDB ने इस ऐप में दी है, वह हर पशुपालक के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। आज ही Google Play Store से e-Gopala ऐप डाउनलोड करें और अपनी डेयरी को घाटे से मुनाफे में बदलें!
अपने Android फोन के Google Play Store पर जाएं और 'e-Gopala' (NDDB) ऐप डाउनलोड करें।
अपना मोबाइल नंबर डालकर रजिस्टर करें और अपनी भाषा (हिंदी, इंग्लिश आदि) का चयन करें।
अपने पशुओं का 'पशु आधार' (कान में लगा पीला टैग नंबर) डालकर उनकी जानकारी ऐप में सेव करें।
पशु खरीदने/बेचने के लिए 'पशु बाज़ार' पर क्लिक करें, या बीमारियों के देसी इलाज के लिए 'आयुर्वेदिक चिकित्सा' सेक्शन देखें।
बिल्कुल नहीं! यह पूरी तरह से किसान-से-किसान (Farmer-to-Farmer) मुफ़्त प्लेटफ़ॉर्म है। इसमें किसी भी बिचौलिए (Middleman) या दलाल को कोई कमीशन नहीं देना होता है।
जैसे इंसानों का 12 अंकों का आधार कार्ड होता है, वैसे ही सरकार पशुओं के कान पर एक पीला टैग (Ear Tag) लगाती है जिस पर 12 अंकों का नंबर होता है। इसे 'पशु आधार' (INAPH) कहते हैं, जिससे पशु की पूरी जन्मकुंडली और नस्ल की पहचान होती है।
हाँ! इस ऐप में 'सेवाएं' (Services) का विकल्प है, जहाँ से आप कृत्रिम गर्भाधान (A.I.), टीकाकरण (Vaccination) और पशु चिकित्सक (Vet Doctor) को बुलाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं।
बिना किसी रुकावट के सीधे सरकारी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।
नोट: किसी भी सरकारी सेवा के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें।
JanSarkari.com आपको सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करता है। यदि आपको ई-गोपाला (Dairy Farming) से जुड़ी कोई समस्या है, तो आप संबंधित विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।