किसानों के लिए भारत सरकार की "ऑनलाइन मंडी", जहाँ बिचौलियों के बिना अपनी फसल को सीधे पूरे देश के व्यापारियों को सबसे ऊंचे दाम पर बेचें।
यहाँ ई-नाम (e-NAM - National Agriculture Market) के बारे में अत्यंत विस्तृत और सम्पूर्ण जानकारी (3000+ शब्द) दी गई है:
अगर आप एक जागरूक किसान हैं और आज भी पारंपरिक तरीके से फसल बेच रहे हैं, तो आप अपना नुकसान कर रहे हैं। e-NAM से जुड़ने के फायदे इस प्रकार हैं:
लोकल मंडी में आढ़तिया (Commission agent) किसान से सस्ते में फसल खरीद कर आगे महंगी बेचता है, और तौलाई या पल्लेदारी के नाम पर किसान का पैसा काट लेता है। e-NAM में किसान का सीधा संपर्क देशभर के व्यापारियों से होता है। कोई बिचौलिया बीच में कमीशन नहीं खा सकता।
मान लीजिए आपकी नज़दीकी मंडी में सोयाबीन का रेट ₹4000/क्विंटल चल रहा है, लेकिन मध्य प्रदेश के किसी प्लांट में सोयाबीन की भारी डिमांड है और वहां रेट ₹4500 है। e-NAM पर वह व्यापारी ₹4500 की बोली लगाएगा और आप अपनी फसल उसे बेचकर ₹500/क्विंटल का सीधा मुनाफा कमाएंगे!
मंडी में अक्सर व्यापारी फसल ले जाते हैं और महीनों तक किसान को पैसे के लिए टरकाते हैं। ई-नाम में ऐसा नहीं होता! यहाँ व्यापारी को ई-पेमेंट (e-Payment) के ज़रिए पैसा सीधे किसान के बैंक खाते में डालना होता है। पैसा आने के बाद ही फसल मंडी से बाहर जाती है।
मंडी में अक्सर इलेक्ट्रॉनिक कांटा न होने से किसान की फसल कम तौली जाती है। e-NAM मंडियों में डिजिटल कांटा और लैब होती है, जहाँ फसल की सही क्वालिटी और वज़न की पक्की पर्ची (Receipt) किसान को दी जाती है।
ज़्यादातर किसानों को लगता है कि "ऑनलाइन फसल बेचने के लिए क्या मुझे अपनी फसल खुद ट्रक में लादकर दिल्ली भेजनी होगी?" नहीं! आपको सिर्फ अपनी नज़दीकी e-NAM मंडी तक ही जाना है। देखिए यह सिस्टम कैसे काम करता है:
आप ट्रैक्टर/ट्रॉली से फसल लेकर अपनी e-NAM मंडी में जाएंगे। गेट पर कर्मचारी आपके मोबाइल नंबर से एंट्री करेगा और आपको एक 'लॉट नंबर (Lot Number)' दे देगा।
मंडी की लैब (Lab) में आपकी फसल (जैसे गेहूं) की नमी, कचरा, और दाने का साइज़ चेक किया जाएगा। इसकी रिपोर्ट सीधे ई-नाम पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड कर दी जाएगी।
क्वालिटी रिपोर्ट देखकर देशभर के व्यापारी (अपने फोन या कंप्यूटर से) बोली लगाएंगे। (जैसे: व्यापारी A- ₹2200, व्यापारी B- ₹2250, व्यापारी C- ₹2280)।
आप तय करेंगे कि आपको सबसे ऊंची बोली वाले (व्यापारी C) को फसल देनी है। व्यापारी पैसा आपके खाते में ट्रांसफर करेगा और माल उठवा लेगा!
रजिस्ट्रेशन के लिए आपके पास आधार कार्ड, बैंक की पासबुक (IFSC कोड के साथ), मोबाइल नंबर और ज़मीन की खतौनी होना ज़रूरी है।
नोट: अगर आप ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं कर पा रहे हैं, तो अपनी नज़दीकी मंडी (APMC) के e-NAM ऑफिस में जाकर अपना आधार और पासबुक दे दें, मंडी के अधिकारी आपका रजिस्ट्रेशन 5 मिनट में फ्री में कर देंगे!
प्र. मैं मंडी में फसल ले गया, लेकिन मुझे ऑनलाइन मिली बोली (दाम) पसंद नहीं आई। क्या मैं फसल वापस ला सकता हूँ?
उ. बिल्कुल! e-NAM पर किसान को पूरी आज़ादी होती है। अगर आपको व्यापारियों द्वारा लगाई गई ऑनलाइन बोली का रेट पसंद नहीं आता, तो आप उसे रिजेक्ट कर सकते हैं और अपनी फसल वापस घर ला सकते हैं या किसी और दिन बेच सकते हैं।
प्र. व्यापारी मेरी फसल मंडी से अपने शहर कैसे ले जाएगा? क्या मुझे ट्रक करना होगा?
उ. नहीं! किसान की ज़िम्मेदारी सिर्फ अपनी मंडी तक फसल पहुँचाने की है। एक बार सौदा पक्का होने के बाद, फसल को मंडी से अपने राज्य/गोदाम तक ले जाने का सारा खर्च और ज़िम्मेदारी व्यापारी (Trader) की होती है।
प्र. क्या e-NAM पर सभी प्रकार की फसलें बेची जा सकती हैं?
उ. हाँ, वर्तमान में e-NAM पर 200 से अधिक प्रकार की कृषि उपज (जैसे अनाज, दलहन, तिलहन, मसाले, फल और सब्जियां) ट्रेड की जा रही हैं।
भारतीय किसानों को हमेशा शिकायत रहती है कि उन्हें अपनी फसल का सही दाम नहीं मिलता। लेकिन ई-नाम (e-NAM) ने इस तस्वीर को बदल दिया है। जब आप e-NAM के माध्यम से अपनी फसल बेचते हैं, तो आप किसी एक आढ़तिये के मोहताज नहीं होते; पूरा देश आपका बाज़ार बन जाता है।
इसमें न तो आपको मंडी टैक्स (कई राज्यों में फ्री) देना होता है, न ही तौलाई में कोई हेराफेरी होती है, और पैसा सीधे 24 घंटे के अंदर आपके बैंक खाते में खटकता है। आज ही अपने मोबाइल में ई-नाम ऐप डाउनलोड करें या अपने नज़दीकी मंडी कार्यालय में जाकर अपना मुफ्त रजिस्ट्रेशन कराएं!
e-NAM पोर्टल (enam.gov.in) या 'e-NAM Mobile App' डाउनलोड करें और 'Registration' पर क्लिक करें।
'Farmer' सेलेक्ट करें और अपनी नज़दीकी मंडी (APMC) का चुनाव करें।
अपना आधार नंबर, बैंक पासबुक (जिसमें पैसा आएगा) और मोबाइल नंबर डालकर रजिस्ट्रेशन पूरा करें।
अपनी फसल मंडी में ले जाएं, जहाँ उसकी क्वालिटी चेक (Assaying) होगी। उसके बाद पूरे देश के व्यापारी ऑनलाइन बोली (Bidding) लगाएंगे।
बिल्कुल नहीं! किसानों के लिए ई-नाम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन और फसल बेचने की पूरी प्रक्रिया एकदम मुफ्त (Free) है।
जब आप अपनी फसल को सबसे ऊँची बोली लगाने वाले व्यापारी को बेचेंगे, तो वह व्यापारी ई-पेमेंट (e-Payment) के ज़रिए पैसा सीधे आपके रजिस्टर्ड बैंक खाते (Bank Account) में भेजेगा। इसमें कोई आढ़तिया या बिचौलिया पैसे नहीं काट सकता।
नहीं, आपको अपनी फसल सिर्फ अपनी नज़दीकी मंडी (APMC) तक ही ले जानी है। आपकी फसल बिकने के बाद, उसे देश के दूसरे हिस्से तक पहुँचाने (Logistics) की ज़िम्मेदारी व्यापारी की होती है।
बिना किसी रुकावट के सीधे सरकारी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।
नोट: किसी भी सरकारी सेवा के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें।
JanSarkari.com आपको सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करता है। यदि आपको ई-नाम (e-NAM) से जुड़ी कोई समस्या है, तो आप संबंधित विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।