किसी कंपनी, दुकानदार या सर्विस प्रोवाइडर द्वारा धोखाधड़ी होने पर कंज्यूमर फोरम (NCH) में ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
यहाँ उपभोक्ता शिकायत (जागो ग्राहक) के बारे में सम्पूर्ण जानकारी दी गई है:
आजकल ऑनलाइन शॉपिंग, डिजिटल पेमेंट्स और ढेरों कंपनियों की सर्विसेज़ का इस्तेमाल बहुत बढ़ गया है। इसी के साथ फ्रॉड, खराब क्वालिटी का सामान (Defective Goods) मिलना, या कंपनी द्वारा रिफंड न देने जैसी शिकायतें भी आम हो गई हैं। कई बार लोग सोचते हैं कि "छोड़ो, कोर्ट-कचहरी के चक्कर कौन लगाएगा?" लेकिन अब ऐसा नहीं है।
भारत सरकार ने उपभोक्ताओं (Consumers) की सुविधा के लिए National Consumer Helpline (NCH) और e-Daakhil (ई-दाखिल) जैसे ऑनलाइन पोर्टल शुरू किए हैं। अब आप घर बैठे, बिना किसी वकील के, किसी भी कंपनी (Amazon, Flipkart, Telecom Providers, Banks, Airlines आदि) के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत (Consumer Complaint Online) दर्ज कर सकते हैं। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि धोखाधड़ी होने पर जागो ग्राहक जागो अभियान के तहत शिकायत कैसे की जाती है।
कानून (Consumer Protection Act, 2019) के अनुसार, हर वह व्यक्ति उपभोक्ता है जो अपने उपयोग (Personal Use) के लिए कोई सामान खरीदता है या किसी सेवा (Service) के लिए पैसे चुकाता है।
आप निम्नलिखित मामलों में Consumer Forum में जा सकते हैं:
सीधे कोर्ट जाने से पहले, भारत सरकार ने National Consumer Helpline (NCH) बनाई है जिसे INGRAM (Integrated Grievance Redressal Mechanism) भी कहा जाता है। यह एक मिडिएटर (Mediator) की तरह काम करता है।
consumerhelpline.gov.in पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरें।NCH कैसे काम करता है? जब आप NCH पर शिकायत दर्ज़ करते हैं, तो वे आपकी शिकायत संबंधित कंपनी को भेजते हैं। ज़्यादातर बड़ी कंपनियाँ (National Consumer Helpline से जुड़ी हुई) 15 से 30 दिन के अंदर मामला सुलझा देती हैं और आपको आपका पैसा या नया सामान मिल जाता है।
अगर NCH से कंपनी मामला नहीं सुलझाती है, या कंपनी ने कोई फ्रॉड किया है, तो आपको सीधे उपभोक्ता आयोग (Consumer Commission / Consumer Court) में केस फाइल करना होगा।
अब आपको कोर्ट के चक्कर काटने की ज़रूरत नहीं है। सरकार ने e-Daakhil (ई-दाखिल) पोर्टल (edaakhil.nic.in) शुरू किया है। यहाँ आप बिना किसी वकील (Lawyer) के खुद ही अपना केस ऑनलाइन फाइल कर सकते हैं।
| मुआवज़े की राशि (Claim Amount) | कहाँ अपील करें? (Jurisdiction) | फीस (Fee for filing case) |
|---|---|---|
| 5 लाख रुपये तक | ज़िला उपभोक्ता आयोग (District Commission) | बिल्कुल शून्य (Nil) - मुफ्त |
| 5 लाख से 10 लाख रुपये तक | ज़िला उपभोक्ता आयोग (District Commission) | ₹200 |
| 10 लाख से 50 लाख रुपये तक | ज़िला उपभोक्ता आयोग (District Commission) | ₹400 |
| 50 लाख से 2 करोड़ रुपये तक | राज्य उपभोक्ता आयोग (State Commission) | ₹1000 से ₹2000 |
| 2 करोड़ रुपये से अधिक | राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग (NCDRC) | ₹7500 |
(नोट: नए Consumer Protection Act, 2019 के अनुसार, आप केस वहीं फाइल कर सकते हैं जहाँ आप रहते हैं, न कि वहाँ जहाँ कंपनी का ऑफिस है।)
चाहे आप NCH पर शिकायत करें या e-Daakhil पर, आपके पास धोखाधड़ी साबित करने के लिए कुछ सबूत होने चाहिए:
प्र. क्या मुझे e-Daakhil पर शिकायत करने के लिए वकील की ज़रूरत है?
उ. नहीं, उपभोक्ता अदालतों (Consumer Courts) का डिज़ाइन ऐसा किया गया है कि आम आदमी बिना वकील के भी अपनी पैरवी खुद कर सकता है। आपको बस अपनी शिकायत (Complaint Petition) एक सादे कागज़ पर (या ऑनलाइन पोर्टल पर) लिखनी होती है।
प्र. NCH (1915) पर शिकायत करने के कितने दिन बाद समाधान मिलता है?
उ. आमतौर पर कंपनियाँ 15 से 45 दिनों के भीतर मामले का समाधान कर देती हैं। अगर कंपनी NCH के नोटिस का जवाब नहीं देती है, तो आपको ई-दाखिल पोर्टल के माध्यम से कोर्ट जाना होता है।
प्र. क्या मैं Amazon, Flipkart जैसी विदेशी कंपनियों के खिलाफ शिकायत कर सकता हूँ?
उ. बिल्कुल! भारत में व्यापार करने वाली हर ई-कॉमर्स कंपनी Consumer Protection (E-Commerce) Rules, 2020 के अंतर्गत आती है। उन पर भी भारत के कानून लागू होते हैं।
प्र. रेस्टोरेंट ने बिल में 'Service Charge' लगा दिया है और हटाने से मना कर रहा है, क्या करूँ?
उ. CCPA (Central Consumer Protection Authority) के नियमों के अनुसार सर्विस चार्ज पूरी तरह से स्वैच्छिक (Voluntary) है। रेस्टोरेंट इसे ज़बरदस्ती नहीं लगा सकते। आप NCH ऐप पर तुरंत इसकी शिकायत कर सकते हैं।
"जागो ग्राहक जागो" सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि आपका सबसे बड़ा अधिकार है। आजकल कंपनियाँ यह सोचकर धोखाधड़ी करती हैं कि आम आदमी ₹500 या ₹1000 के लिए क्या ही कोर्ट जाएगा। लेकिन NCH (1915 टोल-फ्री) और e-Daakhil पोर्टल के आने से अब घर बैठे शिकायत करना बेहद आसान हो गया है।
अगर आपके साथ कोई भी फ्रॉड हुआ है, तो चुप न बैठें। आज ही National Consumer Helpline की वेबसाइट या ऐप पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज़ करें। आपकी एक आवाज़ दूसरी कंपनियों को धोखाधड़ी करने से रोक सकती है।
National Consumer Helpline (NCH) वेबसाइट या ऐप खोलें।
अपने मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी से अकाउंट बनाएं।
अपनी शिकायत का विवरण, कंपनी का नाम और बिल/रसीद अपलोड करें।
शिकायत दर्ज होने के बाद ग्रीवांस नंबर से स्टेटस ट्रैक करें।
NCH (National Consumer Helpline) पर शिकायत दर्ज करने की कोई फीस नहीं है, यह पूरी तरह मुफ्त है।
बिना किसी रुकावट के सीधे सरकारी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।
नोट: किसी भी सरकारी सेवा के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें।
JanSarkari.com आपको सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करता है। यदि आपको उपभोक्ता शिकायत (जागो ग्राहक) से जुड़ी कोई समस्या है, तो आप संबंधित विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।