इसरो (ISRO) द्वारा बनाया गया भारत का अपना स्वदेशी 3D सैटेलाइट मैप (Google Earth का सरकारी विकल्प), जिससे ज़मीन और मौसम की सटीक जानकारी मिलती है।
यहाँ Bhuvan (भुवन पोर्टल - ISRO) के बारे में सम्पूर्ण जानकारी दी गई है:
जब भी हमें किसी जगह का नक्शा या सैटेलाइट व्यू (Satellite View) देखना होता है, तो हम तुरंत Google Maps खोलते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि अमेरिका की एक प्राइवेट कंपनी (Google) भारत के महत्वपूर्ण हिस्सों की जानकारी रखती है? सुरक्षा (Security) और सटीकता को ध्यान में रखते हुए, भारत सरकार ने फैसला किया कि देश का अपना एक ताकतवर मैपिंग सिस्टम होना चाहिए।
यहीं से 'भुवन' का जन्म हुआ। ISRO के अंतरिक्ष में मौजूद कई एडवांस सैटेलाइट्स (जैसे Cartosat और Resourcesat) रोज़ाना भारत की बहुत ही साफ़ (High-Resolution) तस्वीरें खींचते हैं, जिन्हें आम जनता के लिए मुफ़्त में 'भुवन' पोर्टल पर डाला जाता है।
कई लोग पूछते हैं कि जब Google Earth है, तो भुवन की क्या ज़रूरत है? यहाँ कुछ बड़े अंतर दिए गए हैं जो भुवन को ख़ास बनाते हैं:
| विशेषता (Feature) | Bhuvan (ISRO) | Google Earth / Maps |
|---|---|---|
| 1. रेज़ोल्यूशन (Resolution) | भारत के शहरों और गाँवों की बहुत ही बारीक (High-Resolution) तस्वीरें (1 मीटर तक की स्पष्टता) दिखाता है। | बड़े शहरों की तस्वीरें साफ़ होती हैं, लेकिन भारत के गाँवों और ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीरें धुंधली (Blurry) हो सकती हैं। |
| 2. फोकस (Focus Area) | केवल और केवल 'भारत' पर फोकस करता है। | पूरी दुनिया का नक्शा दिखाता है। |
| 3. सरकारी डेटा (Govt. Data) | इस पर सरकारी योजनाओं (मनरेगा, कृषि, वन विभाग) का रियल-टाइम डेटा होता है। | इसमें ऐसा कोई सरकारी या कृषि डेटा नहीं होता। |
| 4. सुरक्षा (Security) | यह भारत सरकार का है। देश के संवेदनशील इलाकों (Military Bases) को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए छिपा दिया जाता है। | एक प्राइवेट अमेरिकी कंपनी का है, जो सुरक्षा के नज़रिए से जोखिम भरा हो सकता है। |
भुवन केवल रास्ते ढूंढने का नक्शा नहीं है, बल्कि यह एक "Geospatial Information System (GIS)" है। इसके कई बड़े उपयोग हैं:
आप अपने कंप्यूटर या स्मार्टफोन से भुवन पोर्टल का आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं:
प्र. क्या भुवन ऐप मोबाइल (Android/iOS) पर उपलब्ध है?
उ. भुवन के कई छोटे-छोटे ऐप्स Android के Google Play Store पर उपलब्ध हैं, जो अलग-अलग कामों (जैसे भुवन पंचायत, भुवन आधार) के लिए बनाए गए हैं। लेकिन पूरा सैटेलाइट नक्शा एक्सप्लोर करने के लिए इसे कंप्यूटर (PC) के ब्राउज़र पर चलाना सबसे अच्छा अनुभव देता है।
प्र. क्या भुवन पोर्टल का उपयोग करने के लिए कोई पैसे (Fees) लगते हैं?
उ. नहीं! भारत के नागरिकों, किसानों, छात्रों और रिसर्चरों के लिए यह पोर्टल और इसका सैटेलाइट डेटा (Open Data Archive) ISRO द्वारा 100% मुफ़्त (Free of Cost) प्रदान किया जाता है।
प्र. भुवन पोर्टल पर लाइव (Live) सैटेलाइट वीडियो क्यों नहीं दिखता?
उ. कोई भी सैटेलाइट लाइव (Live) वीडियो नहीं दिखाता (सुरक्षा और तकनीक के कारणों से)। सैटेलाइट एक तय समय पर तस्वीरें खींचते हैं, जिन्हें कुछ घंटों या दिनों के बाद पोर्टल पर अपडेट कर दिया जाता है। Google Maps में भी तस्वीरें पुरानी (महीनों या सालों) होती हैं।
अंतरिक्ष विज्ञान (Space Science) में भारत आज दुनिया के टॉप 4 देशों में गिना जाता है, और इसका पूरा श्रेय ISRO को जाता है। Bhuvan (भुवन) सिर्फ एक नक्शा नहीं है, बल्कि यह हमारे वैज्ञानिकों की मेहनत का वह तोहफा है जो अंतरिक्ष की तकनीक को सीधा भारत के किसानों, छात्रों और आम आदमी के फोन और कंप्यूटर तक पहुँचाता है।
विदेशी कंपनियों पर निर्भर रहने के बजाय, एक भारतीय होने के नाते हमें ISRO के इस शानदार 'स्वदेशी जियो-पोर्टल' का इस्तेमाल करना चाहिए और अपने बच्चों को भी इसके बारे में सिखाना चाहिए।
Bhuvan (bhuvan.nrsc.gov.in) पोर्टल पर जाएं।
"Bhuvan 2D/3D" पर क्लिक करके भारत का बेहतरीन सैटेलाइट मैप देखें।
यहाँ आप खेती, जल संसाधन, मौसम, और आपदा प्रबंधन (Disaster Management) से जुड़े सैटेलाइट डेटा को मुफ़्त में एक्सेस कर सकते हैं।
छात्र और रिसर्च करने वाले लोग यहाँ से मुफ़्त में सैटेलाइट डेटा (Open Data Archive) डाउनलोड भी कर सकते हैं।
Bhuvan भारत सरकार (ISRO) का अपना स्वदेशी पोर्टल है। इसमें भारत के इलाकों की ज़्यादा बारीक (High-Resolution) जानकारी और सरकारी योजनाओं (जैसे- मनरेगा, कृषि) का रियल-टाइम डेटा होता है।
बिना किसी रुकावट के सीधे सरकारी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।
नोट: किसी भी सरकारी सेवा के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें।
JanSarkari.com आपको सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करता है। यदि आपको Bhuvan (भुवन पोर्टल - ISRO) से जुड़ी कोई समस्या है, तो आप संबंधित विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।