ITI, 10वीं और 12वीं पास युवाओं के लिए रेलवे, भेल और प्राइवेट कंपनियों में ऑन-जॉब ट्रेनिंग (सैलरी के साथ) पाने का सुनहरा मौका।
यहाँ अपरेंटिसशिप (NAPS - National Apprenticeship Promotion Scheme) के बारे में अत्यंत विस्तृत और सम्पूर्ण जानकारी (3000+ शब्द) दी गई है:
कई छात्रों को लगता है कि "1 साल बाद तो कंपनी निकाल देगी, तो अप्रेंटिस करके क्या फायदा?" लेकिन ऐसा नहीं है। इसके 4 ज़बरदस्त फायदे हैं:
यह सबसे बड़ा कारण है जिसकी वजह से लाखों युवा 'रेलवे अपरेंटिस' (Railway Act Apprentice) करना चाहते हैं।
ट्रेनिंग के दौरान आपको खाली हाथ नहीं रहना पड़ता। सरकार के नियमों के अनुसार:
ट्रेनिंग पूरी होने के बाद आपको भारत सरकार (NCVT / DGT) की तरफ से "National Apprenticeship Certificate (NAC)" दिया जाता है। प्राइवेट सेक्टर (Private Companies) में जॉब ढूंढते समय यह सर्टिफिकेट 1 से 2 साल के पक्के 'अनुभव (Experience)' के बराबर माना जाता है।
बहुत सी प्राइवेट कंपनियां (MNCs) जो अपने अप्रेंटिस (छात्रों) के काम से खुश होती हैं, वे 1 साल बाद उन्हें पर्मानेंट कर्मचारी (Permanent Employee) के रूप में रख लेती हैं।
अक्सर युवा इन दोनों योजनाओं के नाम में उलझ जाते हैं। इसे ऐसे समझें:
| NAPS (National Apprenticeship Promotion Scheme) | NATS (National Apprenticeship Training Scheme) |
|---|---|
| यह कौशल विकास मंत्रालय (MSDE) द्वारा चलाई जाती है। | यह शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) द्वारा चलाई जाती है। |
| यह 8वीं, 10वीं, 12वीं पास (फ्रेशर्स) और ITI पास छात्रों के लिए है। | यह ग्रेजुएट (B.Tech/BA/B.Sc) और डिप्लोमा (Polytechnic) पास छात्रों के लिए है। |
| इसका काम ज़्यादातर फैक्ट्री, मशीनरी, वेल्डिंग, फिटर (Technical/Non-technical Trades) में होता है। | इसका काम ज़्यादातर इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और ऑफिस वर्क से जुड़ा होता है। |
| पोर्टल: apprenticeshipindia.gov.in | पोर्टल: nats.education.gov.in |
अगर आप रेलवे या किसी भी कंपनी में अप्रेंटिस करना चाहते हैं, तो इस पोर्टल पर आपका 100% पूरा प्रोफाइल होना अनिवार्य है, अन्यथा आप फॉर्म नहीं भर पाएंगे।
प्रोफाइल पूरी होने के बाद, आपको पोर्टल से ही आवेदन करना होता है:
नोट: कई बार रेलवे या बड़ी कंपनियां अपनी अलग से वेबसाइट पर भी फॉर्म भरवाती हैं (जैसे RRC portal)। लेकिन उस फॉर्म में भी आपसे आपका "Apprenticeship Registration Number (A-xxxxxxx)" ज़रूर मांगा जाएगा। इसलिए यह प्रोफाइल बनाना सबसे पहला कदम है।
प्र. मेरी उम्र 30 साल है, क्या मैं अप्रेंटिसशिप कर सकता हूँ?
उ. अप्रेंटिसशिप के लिए न्यूनतम आयु 14 वर्ष (खतरनाक उद्योगों के लिए 18 वर्ष) है। अधिकतम आयु सीमा हर कंपनी के हिसाब से अलग होती है। रेलवे में आमतौर पर यह 15 से 24 वर्ष (OBC/SC/ST को छूट) होती है। प्राइवेट कंपनियों में 30-35 साल के लोग भी अप्रेंटिस कर सकते हैं।
प्र. e-KYC में "Name mismatch" का एरर आ रहा है, क्या करूँ?
उ. यह पोर्टल आधार कार्ड के डेटा को 100% सही मानता है। अगर आपके आधार और 10वीं की मार्कशीट में एक अक्षर (Spelling) का भी अंतर है, तो ई-केवाईसी नहीं होगी। आपको पहले आधार सेंटर जाकर अपना आधार कार्ड मार्कशीट के हिसाब से सही (Update) कराना होगा।
प्र. क्या अप्रेंटिसशिप पूरी होने के बाद कंपनी मुझे पक्का (Permanent) कर देगी?
उ. नहीं। अप्रेंटिसशिप अधिनियम 1961 के तहत कंपनी आपको पक्का करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य नहीं है। यह सिर्फ एक ट्रेनिंग है। हालांकि, आपके अच्छे काम को देखकर प्राइवेट कंपनी आपको परमानेंट नौकरी का ऑफर (Job Offer) दे सकती है।
अगर आप ITI करके घर बैठे हैं और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, तो घर बैठने से बेहतर है कि आप अपरेंटिस (Apprenticeship) जॉइन कर लें। इससे आपको दो बड़े फायदे होंगे—पहला, आपकी जेब में हर महीने पैसा आएगा जिससे आपकी पढ़ाई का खर्च निकल जाएगा; और दूसरा, आपको असली मशीनों पर काम करने का जो तजुर्बा (Experience) मिलेगा, वह किसी भी किताब में नहीं लिखा है।
खासकर रेलवे अप्रेंटिस (RRB Apprentice) तो ITI वालों के लिए किसी 'गोल्डन टिकट' से कम नहीं है, क्योंकि यह ग्रुप-डी की सरकारी नौकरी का रास्ता बहुत आसान कर देती है। आज ही पोर्टल पर अपनी प्रोफाइल को 100% पूरा करें और नई वैकेंसी में अप्लाई करना शुरू करें!
भारत सरकार के 'Apprenticeship India' पोर्टल (apprenticeshipindia.gov.in) पर जाएं।
पोर्टल पर 'Candidate Register' पर क्लिक करें और अपनी बेसिक जानकारी डालकर रजिस्ट्रेशन करें।
अपने डैशबोर्ड में लॉगिन करके अपना 'आधार e-KYC' और बैंक खाते की जानकारी (DBT के लिए) 100% पूरी करें।
ऊपर दिए गए 'Apprenticeship Opportunities' मेनू में जाएं और रेलवे (RRB), BHEL या अपनी मनपसंद कंपनी में आवेदन करें।
हाँ, इसे 'सैलरी' नहीं बल्कि 'स्टाइपेंड' (Stipend - वज़ीफा) कहा जाता है। NAPS योजना के तहत सरकार और कंपनी मिलकर आपको हर महीने ₹7,000 से लेकर ₹12,000 तक (आपकी योग्यता के अनुसार) आपके बैंक खाते में भेजती है।
NAPS (National Apprenticeship Promotion Scheme) 8वीं, 10वीं, 12वीं और ITI पास युवाओं के लिए है। जबकि NATS (National Apprenticeship Training Scheme) डिग्री (B.Tech/BA) और डिप्लोमा (Polytechnic) पास छात्रों के लिए होता है।
बिल्कुल! बिना ई-केवाईसी (e-KYC) के आपकी प्रोफाइल पूरी नहीं मानी जाएगी और आपको कोई स्टाइपेंड (पैसे) नहीं मिलेगा, क्योंकि पैसा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के ज़रिए आधार से जुड़े बैंक खाते में आता है।
बिना किसी रुकावट के सीधे सरकारी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।
नोट: किसी भी सरकारी सेवा के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें।
JanSarkari.com आपको सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करता है। यदि आपको अपरेंटिसशिप (NAPS) से जुड़ी कोई समस्या है, तो आप संबंधित विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।