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Uttar Pradesh (उत्तर प्रदेश) UP PWD चाणक्य (Chanakya): सम्पूर्ण जानकारी और ऑनलाइन आवेदन

उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग (UP PWD - Public Works Department) राज्य में सड़कें, पुल, और सरकारी भवन बनाने वाला सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण विभाग है। पहले PWD विभाग के कामों (सड़क निर्माण, टेंडर, बिल पास करना) में बहुत देरी होती थी और पारदर्शिता (Transparency) की कमी थी। इस सिस्टम को पूरी तरह से डिजिटल और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने के लिए यूपी सरकार ने UP PWD चाणक्य पोर्टल (Chanakya Portal) की शुरुआत की है।

'चाणक्य' (Chanakya) एक अत्यधिक उन्नत ई-गवर्नेंस (e-Governance) सॉफ्टवेयर है, जिसे NIC (National Informatics Centre) द्वारा तैयार किया गया है। इसका मुख्य काम PWD के सभी प्रोजेक्ट्स (Projects) की शुरुआत से लेकर उनके पूरा होने और ठेकेदारों (Contractors) के बिलों का भुगतान करने तक की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन मॉनिटर करना है।

यदि आप PWD के कर्मचारी (Employee) हैं, कोई ठेकेदार (Contractor) हैं, या एक आम नागरिक हैं जो यह जानना चाहते हैं कि चाणक्य पोर्टल कैसे काम करता है, तो इस लेख में UP PWD Chanakya Portal Login, इसके विभिन्न मॉड्यूल (कुबेर, विश्वकर्मा), और इसकी कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है।

🏗️ चाणक्य सॉफ्टवेयर के प्रमुख मॉड्यूल (Key Modules)

चाणक्य सॉफ्टवेयर एक बहुत बड़ा प्लेटफॉर्म है, जिसे विभाग के अलग-अलग कामों को आसान बनाने के लिए 4 मुख्य मॉड्यूल्स में बांटा गया है:

1. सृष्टि (Shrishti) - प्रोजेक्ट प्लानिंग

यह मॉड्यूल नई सड़क या पुल बनाने की प्लानिंग (Planning) के लिए है। किसी भी नए प्रोजेक्ट का एस्टीमेट (Estimate) बनाना, सरकार से उसकी प्रशासनिक और वित्तीय मंज़ूरी (Approval) लेना, सब 'सृष्टि' के माध्यम से ऑनलाइन होता है।

2. विश्वकर्मा (Vishwakarma) - प्रोग्रेस ट्रैकिंग

जैसे भगवान विश्वकर्मा निर्माण के देवता हैं, वैसे ही यह मॉड्यूल फिजिकल प्रोग्रेस (Physical Progress) ट्रैक करता है। सड़क का कितना हिस्सा बन गया, उसमें कितना मटेरियल लगा, इंजीनियर इसकी रिपोर्ट ऑनलाइन 'विश्वकर्मा' पर अपडेट करते हैं।

3. कुबेर (Kuber) - ई-बिलिंग और फंड

कुबेर धन के देवता हैं। यह मॉड्यूल वित्तीय प्रबंधन (Financial Management) के लिए है। ठेकेदारों का ई-बिल (e-Billing) पास करना और सीधा उनके बैंक खाते में पैसे (Payment) भेजना कुबेर मॉड्यूल के ज़रिए होता है।

4. प्रहरी (Prahari) - गुणवत्ता नियंत्रण

प्रहरी का अर्थ है रक्षक। यह मॉड्यूल सड़क या भवन की क्वालिटी (Quality Control) चेक करता है। यदि मटेरियल खराब है, तो प्रहरी पर रिपोर्ट डाल दी जाती है जिससे ठेकेदार का बिल रुक जाता है।

कर्मचारियों के लिए चाणक्य पोर्टल (HRMS & Salary)

प्रोजेक्ट्स के अलावा, चाणक्य पोर्टल PWD कर्मचारियों और इंजीनियरों (JE, AE, EE) के लिए एक मानव संसाधन (HRMS) टूल के रूप में भी काम करता है।

  • Service Book: कर्मचारियों की पूरी सर्विस बुक, प्रमोशन और इंक्रीमेंट का डेटा ऑनलाइन सेव रहता है।
  • Salary & GPF: सैलरी स्लिप (Salary Slip), छुट्टियां (Leaves), और GPF का हिसाब इसी पोर्टल से मैनेज होता है।
  • Online Transfer: भ्रष्टाचार रोकने के लिए अब PWD में कर्मचारियों के ट्रांसफर (तबादले) की प्रक्रिया भी चाणक्य पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन मेरिट के आधार पर की जाती है।

UP PWD चाणक्य पोर्टल पर लॉग-इन (Login) कैसे करें?

ध्यान दें: चाणक्य पोर्टल कोई पब्लिक पोर्टल नहीं है जहाँ आम नागरिक अकाउंट बना सकें। यह पूरी तरह से एक विभागीय (Departmental) और सुरक्षित पोर्टल है। इसका उपयोग केवल PWD के अधिकारी, इंजीनियर और रजिस्टर्ड ठेकेदार (Contractors) ही कर सकते हैं, जिनके पास NIC द्वारा जारी की गई User ID और Password होता है।

🔑 लॉगिन प्रक्रिया (Step-by-Step):

  1. उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट pwd.up.nic.in पर जाएँ।
  2. होमपेज पर नीचे की तरफ या मेन्यू में "Chanakya Portal" या "ई-बिलिंग (e-Billing)" के लिंक पर क्लिक करें।
  3. यह आपको एक सुरक्षित लॉगिन पेज (Secure Login Page) पर ले जाएगा।
  4. यहाँ ड्रॉपडाउन मेनू से अपना Role (भूमिका) चुनें (जैसे - EE, AE, Contractor, SE)।
  5. विभाग द्वारा दी गई अपनी User ID और Password दर्ज करें।
  6. स्क्रीन पर दिख रहा सुरक्षा कोड (CAPTCHA) बॉक्स में भरें।
  7. 'Sign In' पर क्लिक करें। लॉगिन होते ही आपके अधिकार (Rights) के अनुसार आपका डैशबोर्ड खुल जाएगा जहाँ आप अपने पेंडिंग बिल या प्रोजेक्ट प्रोग्रेस देख सकते हैं।

ठेकेदारों (Contractors) को चाणक्य से क्या फायदा हुआ?

पहले PWD के ठेकेदारों (Contractors) को अपना बिल पास कराने के लिए इंजीनियरों और बाबुओं के चक्कर काटने पड़ते थे। लेकिन चाणक्य पोर्टल के 'कुबेर' (e-Billing) मॉड्यूल के आने से अब बिल सीधे सिस्टम में अपलोड होता है।

सिस्टम खुद ट्रैक करता है कि फाइल किसके पास कितने दिन पेंडिंग है। काम का निरीक्षण होने के बाद RTGS/NEFT के माध्यम से पैसा सीधा ठेकेदार के खाते में आता है, जिससे दलाली और कमीशन बाज़ी पर बहुत हद तक लगाम लगी है।

अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न (FAQs)

1. क्या आम नागरिक चाणक्य पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं? ▼
नहीं। चाणक्य एक आंतरिक (Internal) विभागीय सॉफ्टवेयर है। आम नागरिक PWD से जुड़ी जानकारी या शिकायत के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) या PWD की मुख्य वेबसाइट pwd.up.nic.in के 'Citizen Corner' का उपयोग कर सकते हैं।
2. यदि लॉगिन पासवर्ड भूल गए हैं, तो क्या करें? ▼
यदि आप विभागीय कर्मचारी या ठेकेदार हैं और अपना चाणक्य पासवर्ड भूल गए हैं, तो लॉगिन पेज पर दिए गए "Forgot Password" विकल्प का इस्तेमाल करें। आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या ईमेल पर OTP के माध्यम से नया पासवर्ड रीसेट करने का लिंक भेज दिया जाएगा।
3. PWD में टेंडर (Tender) कैसे भरें? ▼
सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए ई-टेंडरिंग (e-Tendering) की प्रक्रिया उत्तर प्रदेश सरकार के ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल (etender.up.nic.in) के माध्यम से होती है। वहां से टेंडर फाइनल होने के बाद बिलिंग के लिए ठेकेदार का डेटा चाणक्य में ट्रांसफर किया जाता है।

⚠️ Disclaimer (अस्वीकरण)

यह वेबपेज केवल सामान्य जानकारी और PWD के ठेकेदारों व कर्मचारियों की मदद (Informational Purposes) के लिए तैयार किया गया है। Jansarkari.com उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग (UP PWD) की आधिकारिक वेबसाइट नहीं है। पोर्टल के नियम, लॉगिन प्रक्रिया, और ई-बिलिंग की नीतियां विभाग द्वारा बदली जा सकती हैं। किसी भी विभागीय कार्य या आधिकारिक जानकारी के लिए कृपया PWD की आधिकारिक वेबसाइट pwd.up.nic.in का ही उपयोग करें।

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क्या आपको मदद चाहिए?

JanSarkari.com आपको सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करता है। यदि आपको UP PWD चाणक्य (Chanakya) से जुड़ी कोई समस्या है, तो आप संबंधित विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।