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Uttar Pradesh (उत्तर प्रदेश) IGRSUP (विवाह/प्रॉपर्टी पंजीकरण): सम्पूर्ण जानकारी और ऑनलाइन आवेदन

उत्तर प्रदेश सरकार के 'स्टाम्प एवं निबंधन विभाग' (Stamp and Registration Department) ने राज्य के नागरिकों को संपत्ति और विवाह से जुड़ी कानूनी प्रक्रियाओं में सुविधा और पारदर्शिता प्रदान करने के लिए IGRSUP (Inspector General of Registration and Stamps UP) पोर्टल की शुरुआत की है।

पहले के समय में अपनी जमीन या मकान की रजिस्ट्री (Registry / Bainama) कराने या अपनी शादी का विवाह प्रमाण पत्र (Marriage Certificate) बनवाने के लिए लोगों को सब-रजिस्ट्रार ऑफिस (Sub-Registrar Office) के चक्कर काटने पड़ते थे और दलालों को भारी रकम चुकानी पड़ती थी। लेकिन IGRSUP पोर्टल (igrsup.gov.in) के आने से अब ये सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह से ऑनलाइन, पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त हो गई हैं।

इस विस्तृत लेख में, हम IGRSUP पोर्टल के कार्यों, विवाह पंजीकरण (UP Marriage Registration), संपत्ति पंजीकरण (Property Registration), भारमुक्त प्रमाण पत्र (Encumbrance Certificate), और ऑनलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया को बहुत ही गहराई से समझेंगे।


1. IGRSUP क्या है? (What is IGRS UP?)

IGRSUP का पूरा नाम Inspector General of Registration and Stamps Uttar Pradesh (महानिरीक्षक निबंधन, उत्तर प्रदेश) है। यह उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग के अंतर्गत काम करने वाला एक महत्वपूर्ण विभाग है।

यह विभाग मुख्य रूप से दो बड़े कार्य करता है:

  1. संपत्ति का निबंधन (Property Registration): अचल संपत्ति (जमीन, मकान, दुकान आदि) की खरीद-बिक्री (Sale/Purchase), दान पत्र (Gift Deed), लीज डीड (Lease Deed) और वसीयत (Will) का पंजीकरण करना। इसके माध्यम से राज्य सरकार को स्टाम्प ड्यूटी (Stamp Duty) के रूप में भारी राजस्व (Revenue) प्राप्त होता है।
  2. विवाह का निबंधन (Marriage Registration): हिंदू विवाह अधिनियम 1955 (Hindu Marriage Act) और विशेष विवाह अधिनियम 1954 (Special Marriage Act) के तहत राज्य में होने वाले विवाहों का कानूनी रूप से पंजीकरण करना और विवाह प्रमाण पत्र (Marriage Certificate) जारी करना।

IGRSUP की आधिकारिक वेबसाइट igrsup.gov.in है, जिसे आम जनता की सुविधाओं को ध्यान में रखकर पूरी तरह से कंप्यूटरीकृत (Computerized) किया गया है।


2. IGRSUP पोर्टल पर उपलब्ध प्रमुख सेवाएं (Key Services)

नागरिकों के लिए IGRSUP पोर्टल पर निम्नलिखित महत्वपूर्ण ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध हैं:

  • संपत्ति पंजीकरण (Property Registration): नई संपत्ति की खरीद-बिक्री के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक करना और डीड (Deed) तैयार करना।
  • विवाह पंजीकरण (Marriage Registration): नए विवाह का पंजीकरण करना और मैरिज सर्टिफिकेट डाउनलोड करना।
  • भारमुक्त प्रमाण पत्र (Encumbrance Certificate): किसी संपत्ति पर कोई पुराना लोन या विवाद तो नहीं है, इसकी जांच के लिए 12 साला (12-year) प्रमाण पत्र बनवाना।
  • संपत्ति खोजें (Property Search): किसी भी प्रॉपर्टी या जमीन का पिछला रिकॉर्ड (कि यह किसके नाम पर है) खोजना।
  • स्टाम्प ड्यूटी कैलकुलेटर (Stamp Duty Calculator): संपत्ति की खरीद पर लगने वाले स्टाम्प शुल्क की ऑनलाइन गणना करना।
  • ई-स्टाम्प सत्यापन (e-Stamp Verification): खरीदे गए ई-स्टाम्प पेपर की सत्यता की जांच करना।

3. यूपी विवाह पंजीकरण (UP Marriage Registration)

भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के आदेशानुसार और उत्तर प्रदेश हिंदू विवाह पंजीकरण नियमावली के तहत, अब सभी धर्मों के लोगों के लिए अपनी शादी का पंजीकरण (Marriage Registration) कराना अनिवार्य (Mandatory) कर दिया गया है।

विवाह प्रमाण पत्र (Marriage Certificate) के लाभ:

विवाह प्रमाण पत्र एक बेहद महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज (Legal Document) है। इसकी आवश्यकता निम्नलिखित कार्यों में पड़ती है:

  • पासपोर्ट (Passport) और वीजा (Visa): शादी के बाद पत्नी का पासपोर्ट बनवाने या पति/पत्नी के साथ विदेश यात्रा (Spouse Visa) करने के लिए।
  • बैंक जॉइंट अकाउंट (Joint Account): पति-पत्नी के नाम पर संयुक्त बैंक खाता खुलवाने के लिए।
  • जीवन बीमा और नॉमिनी (Life Insurance & Nominee): बीमा पॉलिसियों या बैंक खातों में कानूनी नॉमिनी (Nominee) साबित करने के लिए।
  • बाल गोद लेना (Child Adoption): कानूनी रूप से किसी बच्चे को गोद लेने के लिए विवाह प्रमाण पत्र अनिवार्य है।
  • कानूनी विवाद (Legal Disputes): तलाक (Divorce), गुजारा भत्ता (Alimony) या संपत्ति विवाद के मामलों में यह शादी का सबसे पुख्ता सबूत (Proof of Marriage) होता है।

UP Marriage Registration के लिए आवश्यक दस्तावेज़ (Required Documents)

ऑनलाइन फॉर्म भरने से पहले वर (Husband) और वधू (Wife) दोनों को निम्नलिखित दस्तावेज़ तैयार रखने चाहिए:

  1. पहचान पत्र (ID Proof): वर और वधू दोनों का आधार कार्ड (Aadhaar Card) या वोटर आईडी।
  2. आयु प्रमाण पत्र (Age Proof): 10वीं कक्षा (High School) की मार्कशीट या जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)। (विवाह के समय लड़के की उम्र 21 वर्ष और लड़की की उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए)।
  3. निवास प्रमाण पत्र (Address Proof): राशन कार्ड, बिजली का बिल, या आधार कार्ड।
  4. विवाह का प्रमाण (Proof of Marriage):
    • शादी का निमंत्रण कार्ड (Wedding Invitation Card)।
    • शादी की तस्वीरें (Wedding Photographs - जयमाला या फेरे लेते हुए)।
  5. शपथ पत्र (Affidavit): पति और पत्नी दोनों का एक-एक निर्धारित प्रारूप में नोटरी किया हुआ शपथ पत्र।
  6. दो गवाह (Witnesses): दो गवाहों के आधार कार्ड, फोटो और उनकी उपस्थिति (उप-रजिस्ट्रार कार्यालय में)।

4. यूपी विवाह पंजीकरण ऑनलाइन कैसे करें? (How to Apply for Marriage Certificate Online)

IGRSUP पोर्टल के माध्यम से आप घर बैठे विवाह पंजीकरण का ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। प्रक्रिया नीचे दी गई है:

चरण 1: IGRSUP पोर्टल पर जाएं सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट igrsup.gov.in खोलें।

चरण 2: 'विवाह पंजीकरण' विकल्प चुनें होमपेज पर बाईं ओर "विवाह पंजीकरण" (Marriage Registration) सेक्शन के अंतर्गत "आवेदन करें" (Apply) पर क्लिक करें।

चरण 3: नया पंजीकरण (New Registration)

  • 'नवीन आवेदन प्रपत्र भरें' (Fill New Application Form) पर क्लिक करें।
  • वर (Husband) का विवरण भरें: नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि, आधार नंबर, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और पूरा पता।
  • फोटो और पहचान पत्र अपलोड (Upload) करें।

चरण 4: वधू (Wife) का विवरण दर्ज करें

  • इसी प्रकार अगले पेज पर वधू का पूरा विवरण दर्ज करें और उसके दस्तावेज़ व फोटो अपलोड करें।

चरण 5: विवाह का विवरण (Marriage Details)

  • विवाह की तिथि (Date of Marriage), विवाह का स्थान (Place of Marriage), और विवाह संपन्न कराने वाले (जैसे पंडित या काजी) का विवरण दर्ज करें।

चरण 6: गवाहों का विवरण (Witness Details)

  • दोनों गवाहों (Witnesses) का नाम, पता, आधार नंबर दर्ज करें और उनके आईडी प्रूफ अपलोड करें।

चरण 7: फीस का भुगतान और अपॉइंटमेंट (Fee Payment & Appointment)

  • फॉर्म को अच्छी तरह चेक (Preview) करने के बाद ऑनलाइन सबमिट करें।
  • सरकार द्वारा निर्धारित पंजीकरण शुल्क (Registration Fee - सामान्यतः ₹10 से ₹50 के बीच, विलंब होने पर जुर्माना लग सकता है) का ऑनलाइन भुगतान (Debit Card / Net Banking) करें।
  • अंत में, अपने नजदीकी उप-रजिस्ट्रार कार्यालय (Sub-Registrar Office) जाने के लिए एक अपॉइंटमेंट की तिथि (Appointment Date) चुनें।
  • आवेदन पत्र और रसीद का प्रिंटआउट (Printout) निकाल लें।

अंतिम चरण: कार्यालय में उपस्थिति (Visit Sub-Registrar Office) बुक की गई अपॉइंटमेंट तिथि पर पति, पत्नी और दोनों गवाहों को अपने मूल दस्तावेजों (Original Documents) के साथ सब-रजिस्ट्रार कार्यालय (SRO) में उपस्थित होना होगा। अधिकारी द्वारा दस्तावेजों के सत्यापन के बाद आपका 'मैरिज सर्टिफिकेट (Marriage Certificate)' जारी कर दिया जाएगा, जिसे आप पोर्टल से डाउनलोड कर सकेंगे।


5. यूपी संपत्ति पंजीकरण (UP Property Registration / Bainama)

भारत के 'पंजीकरण अधिनियम 1908 (Registration Act, 1908)' के तहत, यदि आप उत्तर प्रदेश में कोई भी अचल संपत्ति (जमीन, प्लॉट, फ्लैट, या दुकान) खरीदते हैं, तो उसका कानूनी रूप से पंजीकरण (Registry/बैनामा) कराना अनिवार्य है। बिना रजिस्ट्री के, कानून की नजर में आप उस संपत्ति के वैध मालिक (Legal Owner) नहीं माने जाते।

IGRSUP पोर्टल ने इस लंबी और जटिल प्रक्रिया को बेहद सरल और पारदर्शी बना दिया है।

Property Registration के लिए आवश्यक दस्तावेज़

  • पहचान पत्र: क्रेता (Buyer), विक्रेता (Seller), और दो गवाहों (Witnesses) के आधार कार्ड और पैन कार्ड (PAN Card)।
  • संपत्ति के दस्तावेज: पिछली रजिस्ट्री के कागजात (Chain of Documents), खतौनी (Khatauni), या अलॉटमेंट लेटर।
  • स्टाम्प पेपर (E-Stamp): संपत्ति की 'सर्किल रेट (Circle Rate)' के अनुसार अदा की गई स्टाम्प ड्यूटी का ई-स्टाम्प।
  • नक्शा (Map): संपत्ति का लोकेशन मैप और उसकी स्पष्ट तस्वीरें।
  • नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC): यदि आवश्यक हो (जैसे विकास प्राधिकरण या सोसायटी से)।

6. संपत्ति पंजीकरण (Registry) की ऑनलाइन प्रक्रिया (Step-by-Step)

जमीन या मकान की रजिस्ट्री (Bainama) कराने के लिए IGRSUP पर निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाई जाती है:

चरण 1: विलेख (Deed) की तैयारी सबसे पहले एक पंजीकृत वकील (Lawyer) या डीड राइटर (Deed Writer) से अपनी संपत्ति का 'बैनामा (Sale Deed)' तैयार करवाएं।

चरण 2: पोर्टल पर लॉगिन (Login to IGRSUP) igrsup.gov.in पर जाएं और 'संपत्ति पंजीकरण' सेक्शन में "आवेदन करें" पर क्लिक कर एक नया अकाउंट (User ID & Password) बनाएं।

चरण 3: संपत्ति का विवरण भरें (Enter Property Details) लॉगिन करने के बाद, संपत्ति का पूरा विवरण भरें:

  • जिला (District), तहसील (Tehsil), और गांव/मोहल्ला (Village/Ward)।
  • संपत्ति का प्रकार (Agricultural, Residential, Commercial)।
  • संपत्ति का क्षेत्रफल (Area in Sq. Mtr / Sq. Ft)।

चरण 4: मूल्यांकन और स्टाम्प ड्यूटी (Valuation & Stamp Duty) सिस्टम ऑटोमैटिक रूप से उस क्षेत्र के 'सर्किल रेट' (Circle Rate) के आधार पर आपकी संपत्ति का न्यूनतम मूल्य (Minimum Valuation) तय करेगा और बताएगा कि आपको कितनी स्टाम्प ड्यूटी (Stamp Duty) और रजिस्ट्रेशन फीस (Registration Fee) का भुगतान करना है।

चरण 5: क्रेता, विक्रेता और गवाहों का विवरण

  • संपत्ति बेचने वाले (Seller) और खरीदने वाले (Buyer) की पूरी जानकारी, आधार नंबर और पैन नंबर भरें।
  • दोनों गवाहों (Witnesses) का विवरण दर्ज करें।

चरण 6: ऑनलाइन शुल्क भुगतान (Online Fee Payment) आप अपनी स्टाम्प ड्यूटी (Stamp Duty) और निबंधन शुल्क (Registration Fee) का भुगतान 'राजकोष (Rajkosh)' पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन कर सकते हैं, या स्टॉक होल्डिंग कारपोरेशन (SHCIL) से ई-स्टाम्प (e-Stamp) खरीद सकते हैं।

चरण 7: अपॉइंटमेंट (Book Appointment) सब कुछ फाइनल होने के बाद, सब-रजिस्ट्रार कार्यालय (SRO) जाने के लिए एक तिथि और समय का अपॉइंटमेंट (Appointment) बुक करें और फॉर्म का प्रिंटआउट (Printout) लें।

अंतिम चरण: SRO कार्यालय में उपस्थिति तय समय पर क्रेता, विक्रेता और दोनों गवाहों को सब-रजिस्ट्रार ऑफिस जाना होगा। वहां अधिकारी दस्तावेजों की जांच करेगा, सभी की फोटो (Biometric Photograph) और उंगलियों के निशान (Thumb Impressions) लिए जाएंगे। इसके बाद रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और आप अपनी पंजीकृत डीड (Registered Deed / बैनामा) प्राप्त कर सकेंगे।


7. भारमुक्त प्रमाण पत्र / 12 साला (Encumbrance Certificate - EC)

प्रॉपर्टी खरीदते समय सबसे बड़ा डर यह होता है कि कहीं उस जमीन पर कोई पुराना बैंक लोन (Loan), विवाद (Dispute), या किसी और के नाम पर पुरानी रजिस्ट्री तो नहीं है।

इस डर को खत्म करने के लिए 'भारमुक्त प्रमाण पत्र' (Encumbrance Certificate - EC) बनवाया जाता है। यूपी में इसे आम भाषा में '12 साला' (12 Sala) भी कहते हैं, क्योंकि यह पिछले 12 सालों का रिकॉर्ड दिखाता है।

  • आप IGRSUP पोर्टल पर "भारमुक्त प्रमाण पत्र / बारह साला" के विकल्प पर क्लिक करके इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
  • इसमें आपको अपनी संपत्ति का विवरण (प्लॉट नंबर, खसरा नंबर आदि) डालना होता है।
  • एक निश्चित शुल्क ऑनलाइन जमा करने के बाद, सब-रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा जांच करके आपको ऑनलाइन ही भारमुक्त प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है। प्रॉपर्टी खरीदने से पहले यह सर्टिफिकेट जरूर चेक करना चाहिए।

8. संपत्ति खोजें (Property Search / IGRS UP Property Search)

यदि आप किसी जमीन या मकान को खरीदने जा रहे हैं और आप खुद यह चेक करना चाहते हैं कि यह संपत्ति वर्तमान में किसके नाम पर पंजीकृत (Registered) है, तो आप IGRSUP पोर्टल के 'संपत्ति खोजें' (Property Search) विकल्प का उपयोग कर सकते हैं।

  1. पोर्टल पर "संपत्ति खोजें" विकल्प पर जाएं।
  2. अपना जिला, तहसील, और गांव/वार्ड का चयन करें।
  3. आप संपत्ति को निम्नलिखित तरीकों से खोज सकते हैं:
    • संपत्ति के पते (Property Address) से
    • क्रेता या विक्रेता के नाम (Name of Buyer/Seller) से
    • पंजीकरण संख्या (Registration Number) या खसरा/गाटा संख्या से
  4. सर्च करने पर आपको उस संपत्ति के पिछले सभी लेन-देन (Transactions) और रजिस्ट्री का विवरण स्क्रीन पर दिखाई दे जाएगा। इससे आप धोखाधड़ी (Fraud) से बच सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. IGRSUP पोर्टल पर विवाह पंजीकरण के लिए कितनी फीस (Fee) लगती है? Ans: सामान्यतः विवाह के एक वर्ष के भीतर पंजीकरण कराने पर ₹10, एक वर्ष के बाद ₹50 का शुल्क लगता है। हालांकि, अलग-अलग समय अवधि (Delay) के अनुसार जुर्माने का प्रावधान है। कृपया पोर्टल पर 'विवाह पंजीकरण शुल्क' तालिका की जांच करें।

Q2. क्या मैं संपत्ति की स्टाम्प ड्यूटी (Stamp Duty) का भुगतान ऑनलाइन कर सकता हूँ? Ans: जी हाँ, आप IGRSUP पोर्टल से 'राजकोष (Rajkosh)' वेबसाइट पर जाकर सीधे अपने बैंक खाते (Net Banking) के माध्यम से स्टाम्प ड्यूटी और निबंधन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं।

Q3. 'सर्किल रेट' (Circle Rate) क्या होता है? Ans: सर्किल रेट वह न्यूनतम मूल्य (Minimum Value) है जिसे राज्य सरकार (जिलाधिकारी) द्वारा किसी विशेष क्षेत्र की जमीन या संपत्ति के लिए निर्धारित किया जाता है। किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री इससे कम मूल्य पर नहीं की जा सकती है, और इसी मूल्य के आधार पर स्टाम्प ड्यूटी की गणना की जाती है।

Q4. क्या विवाह पंजीकरण के लिए पति और पत्नी का एक ही जिले का होना जरूरी है? Ans: नहीं। आप उस जिले के सब-रजिस्ट्रार ऑफिस (SRO) में आवेदन कर सकते हैं जहाँ विवाह संपन्न हुआ है, या जहाँ वर (Husband) अथवा वधू (Wife) में से कोई एक पिछले 6 महीने से रह रहा हो।

Q5. अगर मैंने अपॉइंटमेंट बुक कर लिया लेकिन उस दिन नहीं जा पाया तो क्या होगा? Ans: आप IGRSUP पोर्टल पर लॉगिन करके अपनी पुरानी अपॉइंटमेंट को रद्द (Cancel) कर सकते हैं और आगे की किसी अन्य तिथि (Reschedule) के लिए नया अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं।


[!WARNING] Disclaimer (अस्वीकरण): यह लेख केवल आम नागरिकों की सूचना, कानूनी जागरूकता और शैक्षणिक मार्गदर्शन के उद्देश्य से लिखा गया है। JanSarkari.com किसी भी प्रकार से उत्तर प्रदेश सरकार, राजस्व विभाग या स्टाम्प एवं निबंधन विभाग (IGRSUP) से संबद्ध नहीं है। हमने यह जानकारी 'IGRSUP' की आधिकारिक वेबसाइट और सार्वजनिक डोमेन (Public Domain) से प्राप्त की है। पंजीकरण नियमों, स्टाम्प ड्यूटी की दरों (Stamp Duty Rates), सर्किल रेट या ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर संशोधन किए जा सकते हैं। किसी भी संपत्ति की खरीद-बिक्री (Registry) या विवाह पंजीकरण का अंतिम निर्णय लेने या शुल्क जमा करने से पहले कृपया हमेशा आधिकारिक वेबसाइट (igrsup.gov.in) का अवलोकन करें और किसी योग्य अधिवक्ता (Lawyer/Legal Advisor) से परामर्श लें। किसी भी प्रकार की कानूनी, तकनीकी या वित्तीय हानि (Financial Loss) के लिए यह वेबसाइट जिम्मेदार नहीं होगी।

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