किसी भी राज्य के निर्माण और विकास कार्यों (सड़क, बिजली, पानी, भवन निर्माण) को पूरा करने के लिए सरकार को प्राइवेट ठेकेदारों (Contractors) और कंपनियों की आवश्यकता होती है। पहले के समय में सरकारी टेंडर (निविदा) हासिल करने की प्रक्रिया बहुत ही जटिल, मैन्युअल और भ्रष्टाचार से भरी होती थी। दबंग ठेकेदार अक्सर टेंडर बॉक्स पर कब्ज़ा कर लेते थे और आम ठेकेदारों को फॉर्म भी नहीं भरने देते थे।
इस व्यवस्था को पारदर्शी, सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने UP e-Tender (ई-प्रोक्योरमेंट) प्रणाली की शुरुआत की। नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) द्वारा विकसित पोर्टल (etender.up.nic.in) के माध्यम से अब उत्तर प्रदेश का कोई भी टेंडर मैन्युअल (कागज़ पर) नहीं भरा जाता। सड़क बनाने से लेकर सरकारी दफ्तरों में कंप्यूटर सप्लाई करने तक के सभी टेंडर अब 100% ऑनलाइन (Online) भरे जाते हैं।
यदि आप एक ठेकेदार, सप्लायर या किसी कंपनी के मालिक हैं और उत्तर प्रदेश सरकार के साथ व्यापार (Business) करना चाहते हैं, तो आपके लिए 'यूपी ई-टेंडर' पोर्टल को समझना बहुत ज़रूरी है। इस विस्तृत लेख में हम आपको e-Tender UP से जुड़ी पूरी जानकारी देंगे—रजिस्ट्रेशन कैसे करें, टेंडर कैसे खोजें, और ऑनलाइन बोली (Bid) कैसे लगाएँ।
UP e-Procurement System उत्तर प्रदेश सरकार का आधिकारिक ई-टेंडरिंग (e-Tendering) पोर्टल है। यह एक सेंट्रलाइज़्ड (Centralized) वेबसाइट है जहाँ राज्य के सभी सरकारी विभाग (Government Departments), सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSUs), और नगर निगम (Municipal Corporations) अपने टेंडर नोटिस पब्लिश (Publish) करते हैं।
ठेकेदार या सप्लायर (Bidders) इस पोर्टल पर घर बैठे टेंडर के दस्तावेज़ (Tender Document) डाउनलोड कर सकते हैं, अपनी वित्तीय बोली (Financial Bid / BOQ) भर सकते हैं, और टेंडर फीस (Tender Fee) व ईएमडी (EMD) का ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं।
उत्तर प्रदेश के लगभग सभी सरकारी विभाग इसी पोर्टल (etender.up.nic.in) का उपयोग करते हैं। कुछ प्रमुख विभाग (Major Organizations) जिनके टेंडर सबसे अधिक सर्च किए जाते हैं:
अगर आप पहली बार ई-टेंडर भरने जा रहे हैं, तो आपके पास निम्नलिखित दस्तावेज़ और तकनीकी चीज़ें पहले से तैयार होनी चाहिए:
टेंडर में भाग लेने के लिए आपको सबसे पहले पोर्टल पर खुद को या अपनी कंपनी को रजिस्टर करना होगा। यह रजिस्ट्रेशन बिलकुल मुफ्त (Free) है।
अपने कंप्यूटर ब्राउज़र में उत्तर प्रदेश ई-टेंडर की आधिकारिक वेबसाइट etender.up.nic.in को खोलें।
होमपेज पर दाहिनी ओर (Right Side) 'Login' बॉक्स के बिल्कुल नीचे "Online Bidder Enrollment" का लिंक दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।
एक फॉर्म खुलेगा, जिसमें आपको निम्नलिखित जानकारी भरनी होगी:
अपना नाम (Contact Person), पैन नंबर (PAN), मोबाइल नंबर, और जन्मतिथि भरें। अंत में Captcha कोड डालकर 'Submit' पर क्लिक करें।
आपके द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी पर एक OTP आएगा। उसे डालकर वेरीफाई (Verify) करें और अपना एक नया पासवर्ड (Password) बना लें। आपका अकाउंट बन गया है।
हज़ारों टेंडरों की भीड़ में से अपने मतलब का टेंडर खोजना बहुत आसान है:
यह सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। टेंडर (Bid) जमा करने को मुख्य रूप से तीन भागों में बांटा जाता है:
अंत में "Freeze Bid" या "Submit" बटन पर क्लिक करें। आपको एक एक्नॉलेजमेंट नंबर (Acknowledgement Slip) मिल जाएगा, जिसका मतलब है कि आपका टेंडर सफलतापूर्वक जमा हो गया है।
कई बार नए ठेकेदारों का टेंडर छोटी सी गलती के कारण रिजेक्ट (Reject) हो जाता है। इन बातों का ध्यान रखें:
Q1. क्या मुझे टेंडर भरने के लिए Class 2 DSC या Class 3 DSC चाहिए? Ans: पहले Class 2 DSC से काम हो जाता था, लेकिन 2021 के बाद से सुरक्षा कारणों से उत्तर प्रदेश सहित पूरे भारत के ई-टेंडर पोर्टल (eProcurement) पर केवल Class 3 DSC (Signing & Encryption) को ही अनिवार्य कर दिया गया है।
Q2. यदि मुझे टेंडर (Tender) नहीं मिलता है, तो मेरी जमा की गई EMD का क्या होगा? Ans: यदि आप टेंडर की बिडिंग में हार जाते हैं (यानी काम किसी और को मिल जाता है), तो टेंडर फाइनल होने के बाद आपकी ईएमडी (EMD) की पूरी राशि बिना किसी कटौती के आपके उसी बैंक खाते में ऑनलाइन वापस (Refund) आ जाती है जिससे आपने पेमेंट किया था।
Q3. UPPCL (बिजली विभाग) का टेंडर कैसे देखें? Ans: आप etender.up.nic.in पोर्टल पर जाकर 'Tenders by Organization' में 'UP Power Corporation Limited' चुनें। वहाँ आपको सभी डिस्कॉम (जैसे- MVVNL, DVVNL, PVVNL, PUVVNL) के बिजली के खंभे, मीटर और तार से जुड़े टेंडर मिल जाएंगे।
Q4. क्या UP e-Tender पोर्टल इस्तेमाल करने की कोई वार्षिक फीस है? Ans: जी नहीं। ठेकेदारों (Bidders) के लिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना और टेंडर खोजना/डाउनलोड करना पूरी तरह से फ्री (Free) है। आपको केवल उसी टेंडर की 'टेंडर फीस (Tender Document Fee)' देनी होती है जिसमें आप हिस्सा लेना चाहते हैं।
Q5. BOQ (Bill of Quantities) क्या है? Ans: BOQ एक सुरक्षित एक्सेल (Excel) फाइल होती है जिसे विभाग पोर्टल पर अपलोड करता है। इसमें काम की मात्रा (Quantity) और आइटम लिखे होते हैं। ठेकेदार को इसी फाइल में अपने 'रेट' भरकर वापस पोर्टल पर अपलोड करना होता है। यही आपकी फाइनेंसियल बिड (Financial Bid) होती है।
[!WARNING] Disclaimer (अस्वीकरण): यह लेख केवल ठेकेदारों, सप्लायर्स और आम नागरिकों की सूचना, विधिक जागरूकता और डिजिटल साक्षरता (Digital Literacy) के उद्देश्य से लिखा गया है। JanSarkari.com किसी भी प्रकार से उत्तर प्रदेश सरकार, नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) या UP e-Procurement (etender.up.nic.in) पोर्टल से संबद्ध (Affiliated) नहीं है। हमने यह जानकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और ई-टेंडरिंग की सामान्य नियमावली से प्राप्त की है। टेंडर की शर्तें (Terms & Conditions), ईएमडी के नियम, और ऑनलाइन पोर्टल की तकनीकी आवश्यकताएँ सरकार द्वारा समय-समय पर बदली जा सकती हैं। किसी भी टेंडर में वित्तीय बोली लगाने (Bidding) से पहले कृपया उस टेंडर के आधिकारिक दस्तावेज़ (NIT/RFP) को ध्यानपूर्वक पढ़ें। किसी भी प्रकार की तकनीकी त्रुटि, टेंडर रिजेक्शन, या वित्तीय नुकसान के लिए यह वेबसाइट (JanSarkari) उत्तरदायी नहीं होगी।
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JanSarkari.com आपको सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करता है। यदि आपको UP ई-टेंडर (e-Procurement) से जुड़ी कोई समस्या है, तो आप संबंधित विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।