सूखा, बाढ़ या बेमौसम बारिश से फसल बर्बाद होने पर सरकार से बीमा क्लेम (Crop Insurance) प्राप्त करने की पूरी जानकारी।
यहाँ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana - PMFBY) के बारे में अत्यंत विस्तृत और सम्पूर्ण जानकारी (5000+ शब्द) दी गई है:
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसका "यूनिफॉर्म (समान) प्रीमियम रेट" है। पहले की योजनाओं में प्रीमियम 10% से 15% तक होता था, जो किसानों के लिए बहुत महँगा था। लेकिन PMFBY में किसानों का हिस्सा फिक्स कर दिया गया है:
| फसल का प्रकार (Season/Crop) | किसान का अधिकतम प्रीमियम | बाकी प्रीमियम कौन देता है? |
|---|---|---|
| खरीफ फसलें (Kharif) (जैसे: धान, मक्का, बाजरा, सोयाबीन) | केवल 2.0% | केंद्र सरकार और राज्य सरकार (50-50%) |
| रबी फसलें (Rabi) (जैसे: गेहूं, सरसों, चना, जौ) | केवल 1.5% | केंद्र सरकार और राज्य सरकार (50-50%) |
| वाणिज्यिक / बागवानी फसलें (Commercial / Horticulture) | केवल 5.0% | केंद्र सरकार और राज्य सरकार (50-50%) |
उदाहरण: अगर 1 एकड़ धान (Kharif) का बीमा कवर 50,000 रुपये है, तो किसान को इसका केवल 2% यानी सिर्फ 1,000 रुपये प्रीमियम देना होगा। अगर एक्चुअल प्रीमियम 10,000 रुपये है, तो बाकी के 9,000 रुपये सरकार (Subsidy) भरेगी।
PMFBY फसल बोने से लेकर कटने के बाद तक, हर स्तर पर सुरक्षा देती है:
खरीफ फसलों के लिए बीमा कराने की अंतिम तिथि आमतौर पर 31 जुलाई होती है, और रबी के लिए 31 दिसंबर। आप 3 तरीकों से बीमा करवा सकते हैं:
अगर आप ऑनलाइन नहीं कर सकते, तो अपने नज़दीकी CSC सेंटर जाएं। वहां आधार, खतौनी और बैंक पासबुक देकर आप अपना बीमा करवा सकते हैं।
जिन किसानों के पास किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) है, उनका बैंक अपने आप खाते से प्रीमियम काट कर बीमा कर देता था। लेकिन अब यह स्वैच्छिक (Voluntary) है।
भारत में लाखों किसानों का क्लेम इसलिए रिजेक्ट हो जाता है क्योंकि वे सही समय पर बीमा कंपनी को सूचित नहीं करते। यह नियम सबसे ज़्यादा ज़रूरी है:
72 घंटे के अंदर शिकायत दर्ज़ होने पर, बीमा कंपनी का सर्वेयर (Surveyor) और सरकारी अधिकारी आपके खेत पर आएंगे। वे नुकसान का आकलन (Damage Assessment) करेंगे और फिर सीधे आपके बैंक खाते में क्लेम का पैसा भेज दिया जाएगा।
प्र. मैं किराये की ज़मीन (Sharecropper / बटाईदार) पर खेती करता हूँ, क्या मैं बीमा करा सकता हूँ?
उ. हाँ! PMFBY में बटाईदार (Tenant farmers) भी बीमा करा सकते हैं। इसके लिए ज़मीन के मालिक के साथ आपका कोई एग्रीमेंट (लिखित या हलफनामा) और गांव के प्रधान/पटवारी का सर्टिफिकेट होना ज़रूरी है कि आप वास्तव में उस ज़मीन पर खेती कर रहे हैं।
प्र. फसल कटाई प्रयोग (Crop Cutting Experiments - CCE) क्या होता है?
उ. जब पूरे इलाके (ग्राम पंचायत) में सूखा या बाढ़ आती है, तो सरकार 'CCE' करवाती है। अधिकारी खेत का एक छोटा हिस्सा (जैसे 5x5 मीटर) काटते हैं और देखते हैं कि सामान्य की तुलना में उपज (Yield) कितनी कम हुई है। जितनी प्रतिशत उपज कम होगी, पूरे गांव के किसानों को उसी प्रतिशत के हिसाब से खाते में क्लेम भेज दिया जाता है (इसके लिए किसान को 72 घंटे वाली शिकायत करने की ज़रूरत नहीं होती)।
प्र. मेरा बीमा प्रीमियम तो कट गया, पर क्लेम नहीं आया?
उ. कई बार बैंक प्रीमियम तो काट लेता है, लेकिन उसे बीमा कंपनी के पोर्टल पर समय से अपलोड नहीं करता। ऐसे मामलों में RBI के नियमों के अनुसार बैंक (Bank) स्वयं उस नुकसान की भरपाई करने के लिए ज़िम्मेदार है। आप सीधे बैंक मैनेजर या Banking Ombudsman से शिकायत कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) किसानों के लिए एक बहुत ही शक्तिशाली सुरक्षा चक्र है। मात्र 1000 या 1500 रुपये का प्रीमियम आपकी लाखों रुपये की फसल को सुरक्षित कर सकता है।
जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के इस दौर में मौसम का कोई भरोसा नहीं है। इसलिए हर किसान को अपनी फसल का बीमा ज़रूर करवाना चाहिए। साथ ही, 'Crop Insurance' ऐप चलाना सीखें, ताकि नुकसान होने पर आप किसी बाबू या दलाल के मोहताज न रहें और 72 घंटे के भीतर खुद अपनी शिकायत दर्ज़ करा सकें!
PMFBY के आधिकारिक पोर्टल (pmfby.gov.in) पर जाएं या Google Play Store से "Crop Insurance" ऐप डाउनलोड करें।
Farmer Corner में जाकर अपना मोबाइल नंबर, आधार और बैंक खाते की जानकारी दर्ज करें।
अपने खेत की खतौनी (Land Records) और बोई गई फसल का प्रमाण (Sowing Certificate) अपलोड करें।
खरीफ के लिए 2% और रबी के लिए 1.5% प्रीमियम ऑनलाइन भरें और अपनी बीमा पॉलिसी (Receipt) डाउनलोड करें।
नहीं! 2020 से पहले यह केसीसी (KCC) वाले किसानों के लिए अनिवार्य था, लेकिन अब यह पूरी तरह से 'स्वैच्छिक (Voluntary)' है। अगर आप चाहें तो बीमा न कराने का फॉर्म (Opt-out form) बैंक में जमा कर सकते हैं।
हाँ! योजना के तहत 'Post-Harvest Losses' (कटाई के बाद का नुकसान) भी कवर होता है। फसल कटने के बाद खेत में सूखने के लिए छोड़ी गई फसल अगर 14 दिन के भीतर बेमौसम बारिश, चक्रवात या ओलावृष्टि से खराब हो जाए, तो आपको क्लेम मिलेगा।
नुकसान होने के ठीक 72 घंटे (3 दिन) के भीतर आपको 'Crop Insurance App' पर फोटो अपलोड करके या टोल-फ्री नंबर पर कॉल करके शिकायत दर्ज करानी होगी। अगर आप 72 घंटे के बाद बताएंगे, तो क्लेम रिजेक्ट हो जाएगा।
बिना किसी रुकावट के सीधे सरकारी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।
नोट: किसी भी सरकारी सेवा के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें।
JanSarkari.com आपको सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करता है। यदि आपको PM फसल बीमा योजना (PMFBY) से जुड़ी कोई समस्या है, तो आप संबंधित विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।