FAME-II की जगह केंद्र सरकार की नई ₹11,900 करोड़ की योजना, जिसके तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर व एम्बुलेंस पर ई-वाउचर से सीधी सब्सिडी और 72,000+ फास्ट चार्जिंग स्टेशन।
यहाँ पीएम ई-ड्राइव योजना (PM E-DRIVE Scheme: इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी, ई-वाउचर और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर) के बारे में अत्यंत विस्तृत, प्रामाणिक और सम्पूर्ण जानकारी (4500+ शब्द) दी गई है:
भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा FAME योजना को अपग्रेड करके शुरू की गई यह भारत के इतिहास की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक वाहन प्रोत्साहन योजना है।
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार है और साथ ही कच्चे तेल (Crude Oil) का एक बहुत बड़ा आयातक भी है। प्रतिवर्ष भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं और पेट्रोल-डीजल के लिए लाखों करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा खर्च करता है। इसके अलावा, दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु जैसे बड़े महानगरों में वायु प्रदूषण (Air Pollution) और जहरीली धुंध (Smog) एक गंभीर जन-स्वास्थ्य संकट बन चुकी है।
पारंपरिक पेट्रोल और डीजल गाड़ियों से निकलने वाले कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और पार्टिकुलेट मैटर (PM 2.5) हमारे पर्यावरण और बच्चों के फेफड़ों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं।
इस दोहरे संकट (प्रदूषण और भारी तेल आयात) का सबसे प्रभावी, आधुनिक और स्थायी समाधान है—इलेक्ट्रिक वाहन (Electric Vehicles - EVs)।
भारत सरकार ने वर्ष 2015 में FAME-I और 2019 में FAME-II योजना शुरू की थी, जिसने देश में इलेक्ट्रिक स्कूटरों और बसों की नींव रखी। लेकिन FAME-II की समय सीमा 31 मार्च 2024 को समाप्त होने के बाद, इलेक्ट्रिक वाहनों की गति को और अधिक तेज करने, पारदर्शिता लाने और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹11,900 करोड़ के ऐतिहासिक बजट के साथ "PM E-DRIVE योजना" का शुभारंभ किया।
PM E-DRIVE का पूरा नाम "PM Electric Drive Revolution in Innovative Vehicle Enhancement" है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा COP26 जलवायु सम्मेलन में घोषित 'पंचामृत' संकल्प और भारत के 'नेट ज़ीरो 2070' लक्ष्य को हासिल करने में PM E-DRIVE एक केंद्रीय भूमिका निभाएगी:
PM E-DRIVE योजना के तहत ₹11,900 करोड़ का आवंटन विभिन्न श्रेणियों में अत्यंत रणनीतिक रूप से किया गया है:
| वाहन श्रेणी (Vehicle Segment) | लक्षित संख्या (Target Units) | सब्सिडी दर / प्रोत्साहन (Subsidy Structure) |
|---|---|---|
| इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (e-2W: स्कूटर/बाइक) | 24,79,000+ वाहन | वर्ष 1 में ₹5,000/kWh (अधिकतम ₹10,000); वर्ष 2 में ₹2,500/kWh (अधिकतम ₹5,000 प्रति वाहन)। |
| इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर (e-3W: ई-रिक्शा/कार्ट) | 3,16,000+ वाहन | ई-रिक्शा हेतु ₹25,000 तक तथा L5 श्रेणी के ऑटो हेतु ₹50,000 तक की मांग प्रोत्साहन सब्सिडी। |
| इलेक्ट्रिक बसें (e-Buses for STUs) | 14,028 नई बसें | ₹4,391 करोड़ का कुल बजट; 9 बड़े शहरों और राज्य सड़क परिवहन निगमों को आवंटन। |
| इलेक्ट्रिक एम्बुलेंस (e-Ambulances) | विशेष स्वास्थ्य फ्लीट | ₹500 करोड़ का प्रावधान; मरीजों के प्रदूषण-मुक्त और शांत परिवहन हेतु। |
| इलेक्ट्रिक ट्रक (e-Trucks) | भारी मालवाहक वाहन | ₹500 करोड़ का आवंटन; पुराने स्क्रैप किए गए ट्रकों के बदले नया ई-ट्रक लेने पर प्रोत्साहन। |
| पब्लिक फास्ट चार्जिंग स्टेशन (EV PCS) | 72,300 चार्जिंग स्टेशन | ₹2,000 करोड़ का वित्तीय अनुदान; हाईवे, पेट्रोल पंप और नगर निगम क्षेत्रों में स्थापना। |
PM E-DRIVE योजना की सबसे क्रांतिकारी विशेषता इसका ई-वाउचर सिस्टम (Aadhaar-authenticated E-Voucher) है। इससे ग्राहक को किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने पड़ते:
योजना का लाभ लेने के लिए खरीदार और वाहन दोनों को कुछ प्राथमिक नियम पूरे करने होते हैं:
डीलरशिप पर जाने से पहले खरीदार को निम्नलिखित दस्तावेज साथ रखने चाहिए:
यदि आप आज कोई नई इलेक्ट्रिक बाइक या स्कूटर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो इन 5 आसान चरणों का पालन करें:
अपने शहर में टीवीएस, बजाज, ओला, एथर, हीरो विडा आदि के आधिकारिक शोरूम पर जाएं और सुनिश्चित करें कि वह मॉडल PM E-DRIVE सब्सिडी के लिए रजिस्टर्ड है।
गाड़ी पसंद करने के बाद डीलर से कोटेशन मांगें। डीलर को एक्स-शोरूम कीमत में से सरकार की PM E-DRIVE सब्सिडी घटाकर शुद्ध कीमत दिखानी होगी।
डीलर को अपना आधार नंबर दें। आपके फोन पर आए ओटीपी को डीलर के साथ साझा करें ताकि ई-वाउचर जारी हो सके। आपको अपने फोन पर ई-वाउचर डाउनलोड का लिंक भी मिलेगा।
सब्सिडी की राशि कटने के बाद बची हुई राशि का भुगतान आप एकमुश्त या बैंक फाइनेंस/ईएमआई के माध्यम से कर सकते हैं।
आरटीओ द्वारा वाहन पंजीकरण पूरा होने के बाद आपके इलेक्ट्रिक वाहन पर सरकारी ग्रीन नंबर प्लेट (Green HSRP Plate) लगाई जाएगी और वाहन आपको सौंप दिया जाएगा।
इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने में सबसे बड़ी बाधा यह होती है कि "अगर रास्ते में बैटरी खत्म हो गई तो क्या होगा?"।
इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए PM E-DRIVE योजना के तहत ₹2,000 करोड़ का विशेष बजटीय प्रावधान किया गया है:
PM E-DRIVE योजना भारत की पहली ऐसी नीति है जिसने वाणिज्यिक और आपातकालीन सेवाओं के विद्युतीकरण पर ध्यान दिया है:
| मानदंड (Parameter) | पुरानी FAME-II योजना | नई PM E-DRIVE योजना |
|---|---|---|
| कुल वित्तीय बजट | ₹10,000 करोड़ (5 वर्ष हेतु)। | ₹11,900 करोड़ (अधिक केंद्रित व त्वरित)। |
| सब्सिडी का तरीका | मैन्युअल क्लेम और लंबी ऑडिट प्रक्रिया। | 100% डिजिटल आधार-लिंक्ड ई-वाउचर प्रणाली। |
| चार्जिंग स्टेशन लक्ष्य | लगभग 2,800 चार्जिंग स्टेशन। | 72,300 पब्लिक फास्ट चार्जर्स (₹2,000 करोड़)। |
| विशेष वाहन श्रेणियां | केवल 2W, 3W, 4W और बसें। | ई-एम्बुलेंस और ई-ट्रक को पहली बार शामिल किया गया। |
अतीत में इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लगने की कुछ घटनाओं के बाद, सरकार ने PM E-DRIVE में सुरक्षा मानकों को अत्यंत कड़ा कर दिया है:
सोशल मीडिया पर अक्सर फर्जी पोस्ट और लिंक वायरल होते हैं कि "प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के तहत ₹2,000 रजिस्ट्रेशन फीस देकर घर बैठे मुफ्त इलेक्ट्रिक स्कूटी पाएं।" कृपया ऐसे फ्रॉड से सावधान रहें:
प्र. 1. क्या मुझे अपनी पुरानी पेट्रोल बाइक स्क्रैप करके नया ईवी लेने पर अतिरिक्त छूट मिलेगी?
उ. हाँ! यदि आप अपनी 15 वर्ष से अधिक पुरानी पेट्रोल बाइक या कार को सरकार के रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी (RVSF) में स्क्रैप कराते हैं, तो आपको स्क्रैप सर्टिफिकेट (Certificate of Deposit) मिलता है। इस पर नई इलेक्ट्रिक गाड़ी लेने पर रोड टैक्स में 25% तक की अतिरिक्त छूट और निर्माता से डिस्काउंट मिलता है।
प्र. 2. क्या इलेक्ट्रिक वाहन पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस लगती है?
उ. अधिकांश भारतीय राज्यों (जैसे उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात आदि) में ईवी नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों पर 100% रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस माफ की गई है।
प्र. 3. क्या ई-वाउचर जनरेट होने के बाद कोई समय सीमा होती है?
उ. हाँ, ई-वाउचर जनरेट होने की तिथि से 120 दिनों (लगभग 4 महीने) तक वैध रहता है। इस अवधि के भीतर वाहन का पंजीकरण और इनवॉइसिंग पूरी हो जानी चाहिए।
प्र. 4. क्या कमर्शियल 4-व्हीलर (इलेक्ट्रिक टैक्सी) को इस योजना में सब्सिडी मिलती है?
उ. PM E-DRIVE योजना में निजी या कमर्शियल 4-व्हीलर कारों पर सीधी मांग सब्सिडी नहीं रखी गई है, बल्कि उनका ध्यान सार्वजनिक परिवहन (ई-बसें, 3-व्हीलर) और आम जनता के टू-व्हीलर पर केंद्रित है। हालांकि, 4-व्हीलर्स के लिए देश भर में 22,100 फास्ट चार्जिंग स्टेशन इस योजना से लगाए जा रहे हैं।
प्र. 5. मुझे कैसे पता चलेगा कि किस मॉडल पर कितनी सब्सिडी उपलब्ध है?
उ. भारी उद्योग मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल (heavyindustries.gov.in) पर सभी अनुमोदित ईवी मॉडलों और उनकी सटीक सब्सिडी राशि की आधिकारिक सूची सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है।
किसी भी अधिकृत इलेक्ट्रिक वाहन (EV) डीलरशिप पर जाएं और PM E-DRIVE योजना के तहत पात्र मॉडल चुनें।
डीलर द्वारा PM E-DRIVE पोर्टल पर खरीदार का आधार कार्ड नंबर दर्ज करके एक यूनिक ई-वाउचर (E-Voucher) जनरेट किया जाएगा।
खरीदार के मोबाइल पर प्राप्त आधार ओटीपी (Aadhaar OTP) के माध्यम से ई-वाउचर को डिजिटल रूप से ई-साइन करें।
वाहन की ऑन-रोड कीमत में से सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी राशि तुरंत कम हो जाएगी और शेष राशि का भुगतान करें।
PM E-DRIVE (PM Electric Drive Revolution in Innovative Vehicle Enhancement) केंद्र सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय की नई फ्लैगशिप योजना है, जिसे FAME-II की समय सीमा खत्म होने के बाद ₹11,900 करोड़ के बजट से शुरू किया गया है। यह पुरानी योजना से ज्यादा पारदर्शी है क्योंकि इसमें सीधे आधार-लिंक्ड ई-वाउचर (E-Voucher) से ग्राहक को तुरंत बिल में सब्सिडी मिलती है और इसमें पहली बार ई-एम्बुलेंस व ई-ट्रक को भी शामिल किया गया है।
योजना के पहले वर्ष में इलेक्ट्रिक 2-व्हीलर पर ₹5,000 प्रति किलोवाट-घंटे (kWh) की दर से अधिकतम ₹10,000 तक की मांग प्रोत्साहन (Demand Incentive) सब्सिडी दी गई, जो दूसरे वर्ष में ₹2,500/kWh की दर से अधिकतम ₹5,000 प्रति वाहन उपलब्ध है। यह सब्सिडी ग्राहक को वाहन की बिल राशि में से तुरंत घटाकर दी जाती है।
बिल्कुल नहीं! पूरी प्रक्रिया 100% ऑनलाइन और कैशलेस है। ग्राहक को केवल डीलरशिप पर अपना आधार कार्ड और चालू मोबाइल नंबर देना होता है। ओटीपी से ई-वाउचर वेरीफाई होते ही वाहन के दाम से सब्सिडी कट जाती है। ग्राहक को अपनी जेब से केवल सब्सिडी घटाकर बची हुई राशि ही चुकानी होती है।
नहीं। व्यक्तिगत श्रेणी में एक आधार कार्ड पर केवल एक ही इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर या थ्री-व्हीलर पर सब्सिडी ली जा सकती है ताकि योजना का लाभ देश के अधिक से अधिक नागरिकों तक पहुँच सके। हालांकि, कमर्शियल फ्लीट ऑपरेटरों के लिए पैन और जीएसटी के आधार पर अलग नियम बनाए गए हैं।
रेंज एंग्जायटी (बैटरी खत्म होने का डर) दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने देश भर में 72,300 पब्लिक फास्ट-चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए ₹2,000 करोड़ का विशेष फंड आवंटित किया है। इनमें 22,100 फास्ट चार्जर 4-व्हीलर्स के लिए, 1,800 ई-बसों के लिए और 48,400 चार्जर 2-व्हीलर व 3-व्हीलर के लिए प्रमुख हाईवे, पेट्रोल पंपों और मेट्रो स्टेशनों पर लगाए जा रहे हैं।
केवल वही इलेक्ट्रिक वाहन पात्र हैं जो भारी उद्योग मंत्रालय (MHI) के तहत तकनीकी परीक्षण एजेंसियों (जैसे ARAI, ICAT) द्वारा प्रमाणित हैं और जिन्होंने उन्नत सुरक्षा व स्थानीय विनिर्माण (Phased Manufacturing Programme - PMP) मानकों को पूरा किया है। चीनी कलपुर्जों वाले गैर-प्रमाणित वाहनों पर यह सब्सिडी नहीं मिलती।
बिना किसी रुकावट के सीधे सरकारी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।
नोट: किसी भी सरकारी सेवा के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें।
JanSarkari.com आपको सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करता है। यदि आपको पीएम ई-ड्राइव योजना (PM E-DRIVE Scheme): इलेक्ट्रिक वाहन सब्सिडी, ई-वाउचर और चार्जिंग स्टेशन से जुड़ी कोई समस्या है, तो आप संबंधित विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।