अगर किसी दुकानदार, कंपनी (Amazon/Flipkart) या सर्विस प्रोवाइडर ने धोखा दिया है, तो जागो ग्राहक जागो (Jago Grahak Jago) के तहत ऑनलाइन शिकायत करें।
यहाँ नेशनल कंज़्यूमर हेल्पलाइन (National Consumer Helpline - NCH) के बारे में सम्पूर्ण जानकारी दी गई है:
अगर आपने ऑनलाइन कोई सामान मंगाया और वह नकली (Fake) या खराब निकला, या कंपनी ने रिफंड देने से मना कर दिया, या किसी एयरलाइन्स, बैंक, या टेलीकॉम कंपनी ने आपको परेशान किया—तो आपको तुरंत कोर्ट (Consumer Court) जाने की ज़रूरत नहीं है। आप NCH में मुफ़्त शिकायत कर सकते हैं।
NCH एक मध्यस्थ (Mediator) के रूप में काम करता है। यह आपकी शिकायत सीधे कंपनी के नोडल ऑफिसर (Nodal Officer) को भेजता है और बिना कोर्ट जाए मामले को सुलझाने (Pre-litigation) की कोशिश करता है।
आप भारत में काम कर रही लगभग 1000+ से ज़्यादा कंपनियों (National Consumer Helpline Convergence Partners) के खिलाफ सीधे शिकायत कर सकते हैं, जैसे:
भारत सरकार ने उपभोक्ताओं के लिए शिकायत करने के बहुत सारे आसान विकल्प दिए हैं:
| तरीका (Method) | शिकायत दर्ज़ करने का विवरण |
|---|---|
| 1. कॉल (Toll-Free) | अपने मोबाइल से 1915 या 1800-11-4000 पर कॉल करें (सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक)। एजेंट आपकी शिकायत नोट करके आपको 'Grievance Number' दे देगा। |
| 2. WhatsApp | अपने मोबाइल में 8800001915 सेव करें। इस नंबर पर WhatsApp में 'Hi' लिखें और मेसेज के ज़रिए अपनी शिकायत दर्ज़ कराएं। |
| 3. वेबसाइट (Online) | consumerhelpline.gov.in पर जाएं। Sign Up करें, और सबूतों (Bill/Photos/Chat) के साथ ऑनलाइन शिकायत दर्ज़ (Register Grievance) करें। |
| 4. मोबाइल ऐप (App) | Google Play Store या Apple App Store से 'NCH (National Consumer Helpline)' ऐप डाउनलोड करें। |
| 5. उमंग (UMANG) ऐप | भारत सरकार के UMANG ऐप पर भी आप NCH की सेवा खोज कर अपनी शिकायत दर्ज़ करा सकते हैं। |
अगर 45-60 दिन बीत गए हैं और कंपनी ने आपका पैसा नहीं लौटाया या ऐसा जवाब दिया जिससे आप संतुष्ट (Satisfied) नहीं हैं, तो आप उपभोक्ता फोरम (Consumer Court) का दरवाज़ा खटखटा सकते हैं।
अब आपको कोर्ट के चक्कर काटने की ज़रूरत नहीं है। आप भारत सरकार के ई-दाखिल (e-daakhil.nic.in) पोर्टल के माध्यम से घर बैठे (Online) उपभोक्ता अदालत (Consumer Commission) में असली मुक़दमा (Case) दायर कर सकते हैं। इसके लिए आपको मामूली सी फीस ऑनलाइन भरनी होती है।
प्र. क्या NCH पर शिकायत करने की कोई फीस (Fee) लगती है?
उ. बिल्कुल नहीं! NCH (1915) पर कॉल करना और शिकायत दर्ज़ कराना पूरी तरह से मुफ़्त (100% Free) है। इसमें कोई वकील नहीं लगता।
प्र. शिकायत दर्ज़ करने के लिए क्या सबूत चाहिए?
उ. आपके पास सामान का पक्का बिल (Invoice/Receipt), खराब सामान की फोटो/वीडियो, और अगर आपने कंपनी के कस्टमर केयर से कोई बात/ईमेल की है, तो उसका स्क्रीनशॉट होना चाहिए।
प्र. अगर मैंने 10 रुपये का सामान खरीदा है, तो क्या मैं शिकायत कर सकता हूँ?
उ. हाँ! कीमत चाहे 10 रुपये हो या 10 लाख, अगर उपभोक्ता के अधिकारों का हनन (Consumer Rights Violation) हुआ है, तो आप शिकायत कर सकते हैं।
'जागो ग्राहक जागो' का मतलब सिर्फ विज्ञापनों को देखना नहीं है, बल्कि अपने अधिकारों (Consumer Rights) के लिए आवाज़ उठाना है। अगर कोई भी कंपनी या दुकानदार आपके साथ धोखाधड़ी करता है, तो चुप न बैठें।
आज ही 1915 पर कॉल करें या NCH पोर्टल पर शिकायत दर्ज़ करें। ज़्यादातर मामलों में सिर्फ एक शिकायत से ही बड़ी-बड़ी कंपनियाँ सीधे लाइन पर आ जाती हैं और ग्राहकों का पैसा लौटा देती हैं।
National Consumer Helpline (NCH) के पोर्टल (consumerhelpline.gov.in) या NCH ऐप पर जाएं।
पोर्टल पर रजिस्टर करें और "Register Grievance" पर क्लिक करें।
कंपनी का नाम, राज्य और शिकायत की पूरी जानकारी (बिल के साथ) अपलोड करें।
आप 1915 (टोल-फ्री) पर कॉल करके भी अपनी शिकायत दर्ज़ करा सकते हैं। NCH कंपनी से संपर्क करके आपकी समस्या सुलझाने का प्रयास करेगा।
नहीं, National Consumer Helpline पर शिकायत दर्ज़ करना पूरी तरह से मुफ़्त है। अगर यहाँ बात नहीं बनती, तो आप उपभोक्ता फोरम (Consumer Court) में जा सकते हैं।
बिना किसी रुकावट के सीधे सरकारी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।
नोट: किसी भी सरकारी सेवा के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें।
JanSarkari.com आपको सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करता है। यदि आपको उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH) से जुड़ी कोई समस्या है, तो आप संबंधित विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।